BS6 क्या है – भारत स्टेज 6 की जानकारी हिंदी में

दोस्तों क्या आप भी जानना चाहते हैं कि BS6 क्या है? सबसे पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि BS6 को साल 2000 में introduce किया गया था जिन्हें भारत सरकार के द्वारा Air Pollutants को चेक करने के लिए automotive emissions standards किया गया था| हम आपको बताना चाहेंगे कि Air Pollutants गाड़ी की इंinternal combustion engine से उत्पन्न होती है| 

इन सभी standards को Central Pollution Control Board के द्वारा सेट किया जाता है| जो कि Ministry of Environment और Climate change के अंतर्गत आती है| अगर आप भी BS6 के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं तो हमारे इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको BS6 क्या है? BS6 और BS4 में क्या अंतर है? BS6 की के लिए मुख्य चुनौती क्या है? भारत में टॉप BS6 तैयार Cars कौन सी है? इन सभी विषय के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिए शुरू करते हैं।

BSES का Full Form क्या है?

BSES का full form The Bharat Stage Emissions Standards है|

भारत स्टेज क्या है?

BS Norms, Euro emission standard based होते होते हैं| इन्हें साल 2000 में रोल आउट किया गया था| उसके बाद BS2 और BS3 को साल 2001 और 2005 में लागू किया गया था| BS4 का BS का सबसे successful रहा था इसे देशभर में पूरे जोर से लागू किया गया था और वही emissions mandate को भी enforce किया गया था। इतना ही नहीं साल 2016 में भारत सरकार ने यह भी announce किया था कि वह आने वाले समय में BS5 को हटा देगी और वही हुआ कि साल 2000 में BS6 को पूरे देश में लागू कर दिया गया।

Update

इसके अलावा अक्टूबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय लिया था कि मार्च 2020 के बाद bs4 vehicle को नहीं बेचा जाएगा।

भारत स्टेज BS6 क्या है – What is BS6 in Hindi

Bharat Stage 6 vehicular emissions की  छठी mandate है और यह वायु प्रदूषण के खिलाफ बहुत ही उम्दा बदलाव होने वाला भी है क्योंकि bs6 ज्यादा strict और restrictive है जो कि भारत में वायु प्रदूषण के खिलाफ एक अच्छी शुरुआत प्रदान करेगा| यही नहीं BS6 के भारत में लागू होने के बाद भारत US और यूEuropean के emissions norms के स्तर में आ जाएगा।

अप्रैल 2019 में Maruti Suzuki India limited के Chairman R.C Bhargava ने यह अनाउंस किया था कि उनकी कंपनी सन 2020 के बाद डीजल कार की प्रोडक्शन को बंद करने वाली है।

BS6 की सामने मुख्य चुनौती क्या हैं?

  • जहां BS6 के consumer के लिए काफी बड़े बढ़िया निर्णय होने वाले हैं| वही कार निर्माताओं के लिए यह कार्य उतने ही ज्यादा मुश्किल होने वाला है। BS4 के phase-out होने की वजह से और BS6 के introduce होने की वजह से कार निर्माता केवल BS6 कंप्लीमेंट vehicle को बनाने में लगे हुए हैं| जिसकी वजह से डीजल इंजन को भी बहुत बड़ा झटका मिला है और उनकी सेल में भी काफी ज्यादा गिरावट आ रही है जोकि all-time low है| 
  • इसके अलावा Update Automobile manufacturers को जल्द से जल्द BS4 स्टॉक से छुटकारा पाना होगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने भारत में अप्रैल 2020 के बाद BS4 व्हीकल की बिक्री को बंद करने का आदेश दिया है| 
  • इसके इलावा BS6 Fuel Compatible Engines की टेक्नोलॉजी और रिसर्च के लिए को बनाने में भी करोड़ों रुपए का इन्वेस्टमेंट किया गया है|
  • BS6 अपग्रेड के लिए काफी ज्यादा manufacturing cost देखने को मिल रही है| जिसकी वजह से कार की कीमतों में भी लगभग 10% से 15% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 
  • वहीं दूसरी और लग्जरी कार जैसे Mercedes Benz ने BS 6 ready made-in-India S-Class को introduce किया है जो की deadline से काफी पहले है।

CNG कारों पर BS6 का क्या प्रभाव पड़ेगा? What will be the impact of BS6 on CNG cars?

कार निर्माताओं को BS6 कार में CNG का इस्तेमाल करने के लिए इसके लिए अपने डीजल और पेट्रोल इंजन में थोड़े बहुत बदलाव करने होंगे| निर्माता द्वारा देश में CNG BS6 इंजन की शुरुआत करने से पहले यह केवल Matter of time की बात है| देश में अभी Electric और Hybrid वाहनों की बिक्री से पहले CNG संचालित BS6 कार या एक स्टॉप गैस व्यवस्था हो सकती है।

BS6 (BSVI) डीजल इंजन कैसे काम करते हैं? How do BS6 (BSVI) diesel engines work?

डीजल कार में Selective Catalytic Reduction (SCR) का इस्तेमाल किया जाता है| SCR यूनिट नाइट्रोजन ऑक्साइड को डायनेमिक नाइट्रोजन और पानी में परिवर्तित करता है और SCR नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए AdBlue या डीजल निकास द्रव का उपयोग करती है। AdBlue 2 भाग से बना होता है – यूरिया और विआयनीकृत पानी| जब यह द्रव के संपर्क में आती है तो यह यूरिया को अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड में बदल देता है और बदले में अमोनिया नाइट्रोजन ऑक्साइड को नाइट्रोजन और जलवायु में परिवर्तन कर देता है| जिसकी वजह से प्रदूषण कम हो जाता है| 

AdBlue छोटे यात्री वाहनों में 10 लीटर क्षमता वाले टैंक में भरा जाता है| वर्तमान समय में यह प्रीमियम दाम पर बेचा जा रहा है| हालांकि BS6 डीजल की बिक्री तेजी से होने की वजह से काफी ज्यादा गिरावट की उम्मीद की जा सकती है।

BS6 और BS4 में क्या अंतर है?

जैसे कि हमने आपको अभी BS6 के बारे में बताया है तो चलिए दोस्तों अब हम आपके आपको बताते हैं कि BS6 और BS4 में क्या अंतर है।

  • BS6 में इस्तेमाल किए जाने वाला पेट्रोल में बदलाव किया गया है क्योंकि BS6 compliant engine में BS6 फ्यूल की जरूरत पड़ेगी| उस में आप BS4 फ्यूल का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह BS6 norms के खिलाफ होगा। वहीं इंडियन ऑयल कंपनी ने BS6 ग्रेड पेट्रोल और डीजल को डिस्ट्रीब्यूटर करना भी शुरू कर दिया है| वही शुरुआत में दिल्ली के 391 फिलिंग स्टेशन में BS6 ग्रेड पेट्रोल की शुरुआत कर दी गई है और अप्रैल 2019 तक भारत के करीब 13 major metro cities में BS6 फ्यूल का इस्तेमाल किया जाने लग गया है।
  • BS6 और BS4 के फ्यूल में सबसे बड़ा अंतर यह है कि BS6 फ्यूल में BS4 के मुकाबले 5 Times कम sulphur traces पाए जाते हैं। BS6 फ्यूल में Nitrogen Oxide के लेवल को 70% तक डीजल इंजन में कम कर दिया गया है और 25% तक पेट्रोल इंजन में कम कर दिया गया है। 
  • इसके अलावा BS6 में बहुत सारे बदलाव किए गए हैं जिन में से एक मुख्य बदलाव यह है कि OBD (Onboard Diagnostics) कार के लिए मैंडेटरी कर दिया गया है।
  • व्हीकल की real-world conditions में simulated conditions के खिलाफ emission को measure करने के लिए RDE (Real Driving Emission) को पहली बार introduce किया गया है। डीजल इंजन के लिए DPF (Diesel Particulate Filter) और SCR (Selective Catalytic Reduction) techniques का इस्तेमाल किया गया है।

क्या BS4 वाली Cars (गाड़ी) में BS6 ईंधन का इस्तमाल हो सकता है?

आप में से बहुत से ऐसे लोगों लोग होंगे जिनके मन में यह सवाल आया होगा कि क्या BS4 वाली कार में BS6 fuel का इस्तेमाल किया जा सकता है? क्या BS6 से BS4 कार खराब हो जाएगी तो इसका जवाब हां भी है और ना भी है| क्योंकि अगर आपके पास petrol कार है तो BS4 ओर BS6 पैट्रोल में काफी कम अंतर देखने को मिला है| उनके chemical composition के term में काफी कम अंतर है| इसलिए पेट्रोल कार मालिकों के लिए यह ज्यादा बड़ी चिंता करने वाली बात नहीं है|

वहीं अगर आप Diesel कार का इस्तेमाल कर रहे हैं तो हम आपको बताना चाहेंगे कि BS4 फ्यूल में Sulphur traces 50 ppm पाए जाते है| परंतु BS6 डीजल में यह सिर्फ 10 ppm ही पाए जाते हैं जो कि वातावरण के लिए बहुत अच्छी बात है| परंतु अगर आप अपनी diesel कार BS6 में BS4 का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी गाड़ी के लिए अच्छा नहीं होगा।

अब सवाल उठता है की क्यूँ Sulphur इतना जरुरी है?

तो इसका जवाब है कि यह diesel engine पर निर्भर करता है कि Fuel को ionise करने के लिए इसके injector के ऊपर भी निर्भर करता है| जिससे कि वह combustible बन सके| Sulphur, diesel injector के लिए एक lubricant की तरह काम करता है|

वहीं अगर हम BS4 कार में BS6 lubricant का इस्तेमाल करते हैं तो उस में Sulphur की मात्रा बहुत कम होती है| जिस से injector prematurely खराब हो सकते हैं और वही emissions में भी बढ़ोतरी भी हो सकती है क्योंकि इसके fuel के flow pattern में बदलाव हो सकते हैं।

Update

April 2019 में ministry of petroleum और natural gas ने यह ऑफिशियल अनाउंस किया है कि वह सबसे पहले Delhi NCR में BS6 Fuel को उपलब्ध करवाएंगे उसके बाद वह metro और दूसरी cities में उपलब्ध करवाएंगे।

क्या BS6 cars में BS4 fuel का इस्तमाल किया जा सकता है?

जैसे कि हमने अभी आपको बताया था कि अगर आपके पास Petrol गाड़ी है तो BS6 में BS4 का इस्तेमाल करने से पेट्रोल गाड़ी को ज्यादा तकलीफ नहीं होगी| परंतु अगर आपके पास Diesel गाड़ी है और आप BS6 में BS4 फ्यूल का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी गाड़ी को काफी नुकसान हो सकता है।

BS6 डीजल इंजन में sophisticated electronics औरre-developed exhaust system का इस्तेमाल किया गया है| वहीं BS6 में DPF (Diesel Particulate Filter) और SCR (Selective Catalytic Reduction) को शामिल किया गया है| ऐसे में अगर आप BS4 डीजल जिस में काफी ज्यादा मात्रा में sulphur content होता है| वह emission को drastically बढ़ा देगी| जिससे नतीजा निकलेगा कि धीरे-धीरे diesel particulate filter block हो जाएंगे जो कि डीजल कार के फ्यूल में पर बुरा असर डालेगी।

Update

ET Auto ने report के मुताबिक जुलाई 2019 में तक Delhi NCR में लगभग 60% से ज्यादा fuel station पर S6 ready fuel पहुँच चुका है और अक्टूबर 2019 तक यह लगभग बढ़कर 80% तक हो जाएगा एस आईटी आउट ने रिपोर्ट किया है।

क्या BS4 Cars को Ban कर दिया जायेगा?

Supreme court ने October 2018 में यह ऐलान किया है कि अप्रैल 2020 के बाद BS4 गाड़ियों को Ban कर दिया जाएगा| उनकी बिक्री और खरीदारी को भी पूरी तरह से Ban कर दिया जाएगा| इसके अलावा कोर्ट ने यह ultimatum भी जारी किया है कि car manufacturers को अपने old stock वाले BS4 vehicles को deadline से पहले क्लियर करना होगा और कोर्ट ने यह भी साफ तौर पर कहा है कि किसी भी कार कंपनी को अपने old stock वाले BS4 vehicles की क्लीयरेंस करने के लिए किसी भी प्रकार की extension नहीं दी जाएगी।

Update

Finance Minister; Smt Nirmala Sitharaman ने यह रिपोर्ट किया है कि मार्च 2020 तक BS4 कार की खरीदारी को केवल ऑपरेशन रखा जाएगा जब तक की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से खत्म हो ना जाए।

क्या आपको अभी एक नयी Car लेनी चाहिए या BS6 के लिए इंतिज़ार करना चाहिए?

हाल ही में की गई एक रिपोर्ट मैं यह साफ़ देखने को मिला है कि cars की कीमतों में गिरावट की वजह से हर कोई new car खरीदना चाहता है| लेकिन लोगों के लिए है डिसाइड करना काफी महत्वपूर्ण है कि अभी new car लेनी चाहिए या BS6 का इंतजार करना चाहिए।

अगर हम कीमतों की बात करें तो इस समय कार की कीमतें बहुत अच्छी है| परंतु इसका बहुत बड़ा कारण BS6 emission norm है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है| यही वजह है कि जो potential buyers की खरीद दारी से खुद को रोक रहे हैं| 

वह अप्रैल 2020 का इंतजार कर रहे हैं जब BS6 roll out किया जाएगा| ऐसे में भारत में डीजल कार का भविष्य धीरे-धीरे अंधकार की ओर जाता नजर आ रहा है| ऐसे में बड़े carmakers जैसे कि Maruti Suzuki, TATA, Volkswagen अपने डीजल इन्वेंटरी को खाली करने में लग पड़े हैं। 

अब सवाल उठता है कि आपको अभी कार खरीदनी चाहिए या नहीं| अगर आप नई पेट्रोल गाड़ी खरीदना चाहते हैं तो आप उसे खरीद सकते हैं| क्योंकि BS6 और BS4 पेट्रोल में कोई ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिल रहा है| इसमें लगभग ना के बराबर अंतर किया गया है| 

लेकिन वहीं अगर आप डीजल कार खरीदने का सोच रहे हैं तो आपको BS6 और BS4 में काफी अंतर देखने को मिल जाएगा और उनके प्राइस में भी आपको काफी ज्यादा अंतर देखने को मिल जाएगा वही BS6 डीजल की कीमत 1 लाख रुपए तक बढ़ सकती है और वही पेट्रोल कार की कीमत 50000 रुपए तक बढ़ सकती है| अगर आप हमारी बात मानते हैं और चाहते हैं तो आप कार खरीदने के बारे में ना ही सोचें| 

अब आप सोच रहे होंगे कि अभी क्या इस समय डीजल कार खरीदना सही होगा। तो इसका जवाब है हां, अगर आप सस्ते दाम पर डीजल कार खरीदना चाहते हैं तो आप डीजल कार को खरीद सकते हैं| परंतु अगर आप वही आप upgraded version में कार खरीदना चाहते हैं यानी BS6 में कार खरीदना चाहते हैं तो आपको थोड़ा समय इंतजार करना होगा परंतु याद रहे इस नए features वाली गाड़ी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल जाएगी।

भारत में उपलब्ध टॉप BS6 तैयार Cars

  • Maruti Suzuki Ertiga Petrol (1.5-litre K15B Smart Hybrid Petrol)
  • Mahindra Bolero Power Plus (1.5-litre, Three-Cylinder, Turbo-Diesel)
  • Kia Seltos (1.5-litre Petrol)
  • 2019 Hyundai i10 NIOS (1.2-litre Petrol and Diesel)
  • 2019 Mercedes Benz E200e and E200d (2.0-liter Petrol and Diesel)

Conclusion

अब आप जान चुके हैं कि BS6 क्या है, BS6 और BS4 में क्या अंतर है, BS6 कार में क्या BS4 का इस्तेमाल किया जा सकता है, क्या BS4 कार को बैन कर दिया जाएगा। उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी को पढ़ने के बाद आपके मन में BS6 के संबंधित जितने भी डाउट है वह clear हो गए होंगे| अगर अभी भी आपको हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी से संबंधित कोई डाउट है या आप हमें कोई राय देना चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

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FAQ (Frequently Asked Questions)

यदि आप BS4 कार में BS6 ईंधन भरते हैं तो क्या होगा?

अगर आपके पास पेट्रोल गाड़ी है तो आप BS6 में BS4 ईंधन का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि इसमें ईंधन में ज्यादा फर्क नहीं है| वहीं अगर आपके पास डीजल गाड़ी है तो BS4 में sulphur की मात्रा बहुत ज्यादा होती है और BS6 में यह बहुत कम होती है| अगर आप BS6 Diesel में BS4 Diesel का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी गाड़ी खराब हो सकती है।

क्या BS4 ईंधन की तुलना में BS6 ईंधन महंगा है?

फिलहाल में BS6 को Delhi और NCR में लागू किया गया है और BS6 और BS4 ईंधन की कीमतें अलग अलग नहीं है। यह एक बार तेल विपणन कंपनियां (OMCs) द्वारा अपनी सुविधा के उत्पन्न के लिए किए गए इनपुट लागत के कारण इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।

क्या मैं अपने दम पर BS6 उत्सर्जन मानदंडों को पूरा करने के लिए अपनी पुरानी कार को बदल सकता हूं?

अगर आप अपनी पुरानी कार को BS6 में बदलना चाहते हैं तो सबसे पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि यह अवैध है| अगर आप फिर भी इसे बदलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको समय और धन की जरूरत पड़ती है।

BS6 के बाद क्या है?

BS6 के बाद अभी तक कुछ भी निर्धारित नहीं किया गया है| हां परंतु BS6 का दूसरा संस्करण हो सकता है जिसमें रियल ड्राइविंग मिशन चक्र को शामिल किया जा सकता है| इसके अनुसार ऑटोमेटिक रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए कुछ नए वाहनों का परीक्षण करेगा| वर्तमान में परीक्षण एक नियंत्रित वातावरण में किया जाता है।

क्या BS4 वाहनों को प्रदूषण प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है?

जी हां भारतीय सड़कों पर चलने वाले हर एक वाहन को प्रदूषण प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।

2020 के बाद BS4 वाहनों का क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ तौर पर कहा है कि 2020 के बाद BS4 व्हीकल की खरीदारी और बिक्री पर रोकथाम लगा दी जाएगी| मतलब कि यह Ban कर दिया जाएगा| उससे पहले ही कार निर्माताओं को अपने BS4 डीजल व्हीकल की clearance करनी होगी।

BS4 और BS6 कार के प्रदर्शन में क्या अंतर है?

BS4 इंजन BS6 इंजन की तुलना में कम स्वस्थ होगा क्योंकि इसमें प्रदूषण ज्यादा होता है। BS6 इंजन की निकास प्रणाली में कुछ घटक जोड़े जाने से यह काफी अच्छा प्रदर्शन करता है| वह उतना ज्यादा प्रदूषण भी नहीं करता है| इसलिए सरकार द्वारा वाहन निर्माताओं को यह आदेश दिया गया है कुछ ऐसे इंजन तैयार करें जो प्रदर्शन, दक्षता और उत्सर्जन के बीच संतुलन प्रदान करते हो।

BS4 और BS6 कारों की ईंधन अर्थव्यवस्था में क्या अंतर है?

BS4 ओर BS6 कारों की ईंधन अर्थव्यवस्था में न्यूनतम अंतर है। उदाहरण के तौर पर हम आप को समझाते हैं जैसे कि BS6 मारुति डिजायर की माइलेज 21.21 km/Ltr है| वहीं वर्तमान BS4 मारुति डिजायर की माइलेज 22 km/Ltr है| तो इसकी माइलेज में थोड़ी गिरावट है जो इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है।

अक्टूबर 2020 से क्या BS6 वाहनों के लिए ग्रीन स्टीकर लगेंगे?

सरकार ने BS6 वाहनों को अन्य वाहनों से अलग करने के लिए कुछ प्रयास करें हैं| केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि BS6 वाहन पर 1 सेंटीमीटर तक हरे रंग का sticker लगेगा और यह एक अक्टूबर 2020 से लागू हो चुका है| यह हरे रंग का sticker पंजीकरण sticker के शीर्ष पर रखा जाएगा।

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