Generation of Computer in Hindi | कम्प्यूटर की पीढ़ियां

दोस्तों क्या आप भी Generation of Computer in Hindi के बारे में जानना चाहते हैं| हमने देखा कि काफी सारे लोग कंप्यूटर की जनरेशन के बारे में सर्च कर रहे हैं तब हमने इसके बारे में रिसर्च करना शुरू किया और रिसर्च करने के बाद आज हम आपके साथ हैं Generation of Computer in Hindi के बारे में डिटेल में जानकारी शेयर करने जा रहे हैं। 

यह बात हम सभी जानते हैं कि आज के आधुनिक युग में कंप्यूटर हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है यही वजह है कि हर क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाने लगा है| अगर किसी वजह से कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की तकनीकी problem आ जाए या उसका सरवर बंद हो जाए तो उस क्षेत्र में सारे काम कुछ समय के लिए रुक जाते हैं| तो इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कंप्यूटर का हमारे जीवन में महत्व कितना ज्यादा हो गया है। 

हम आपको कंप्यूटर के इतिहास के बारे में तो ज्यादा जानकारी इस पोस्ट में नहीं देने वाले हैं क्योंकि इस पोस्ट में हम आपके साथ सिर्फ Generation of Computer के बारे में ही जानकारी शेयर करने वाले हैं| अगर आप कंप्यूटर की परिभाषा, कंप्यूटर के प्रकार? के बारे में जानना छाते है तो उसके लिए हमने अलग से पोस्ट में जानकारी शेयर करी है| फिर भी हम आपको बता देते हैं कि कंप्यूटर की शुरुआत हजारों वर्षों पूर्व हो गई थी| लेकिन आज भी कंप्यूटर में गणना करने के लिए बनाये गए यंत्र abacus का इस्तेमाल किया जाता है जो कि स्कूलों में अभी भी इस्तेमाल होता है।

हम आपको बताना चाहेंगे कि इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के कंप्यूटर की शुरुआत साल 1946 में हुई थी और कंप्यूटर के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के शुरू होने से कंप्यूटर की तकनीक में समय-समय पर परिवर्तन होते आ रहे हैं| जिसकी वजह से इन परिवर्तनों को कंप्यूटर की पीढ़ियां यानी की जनरेशन ऑफ कंप्यूटर में बांट दिया गया है जो कि हम आपके साथ अब शेयर करने जा रहे हैं।

कंप्यूटर की पीढ़ियां – Generation of Computer in Hindi

आज के इस आधुनिक युग में कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होने लगा है और कंप्यूटर का इस्तेमाल हर सरकारी, प्राइवेट या बैंकिंग क्षेत्र हर जगह पर इसका इस्तेमाल किया जाने लगा है| क्योंकि यह मुश्किल से मुश्किल समस्या को भी आसानी से और तेज गति से आसानी से करके दे देता है। आज के मॉडर्न कंप्यूटर में storage capacity, काम करने की speed और size में भी बहुत ज्यादा बदलाव आ गए हैं| जिसकी वजह से हम कंप्यूटर को एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से ले जा सकते है|

Generation of Computer in Hindi

हम आपको बताना चाहेंगे कि पहला कंप्यूटर ENIAC से लेकर आज के आधुनिक कंप्यूटर तक इसमें काफी ज्यादा परिवर्तन किए गए हैं और इन परिवर्तनों को 5 पीढ़ियों में बांटा गया है जिन्हें हम कंप्यूटर की पीढ़ियां यानि की Generation of Computer कहते हैं जो कि इस प्रकार है:-

  • First Computer Generation (1946-1956)
  • Second Computer Generation (1956-1964)
  • Third Computer Generation (1964-1971)
  • Fourth Computer Generation (1971-1985)
  • Fifth Computer Generation (1980-Till)

1. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर – First Generation of Computer in Hindi

कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी में 1946 से लेकर 1956 तक के कंप्यूटर को रखा गया है| प्रथम पीढ़ी का पहला कंप्यूटर 1946 में बनाया गया था जिसे J.P  Eckert और J.W Mauchly के द्वारा बनाया गया था|  प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर यानी कि First generation of computer में vacuum tube का इस्तेमाल किया गया था| इसमें बहुत ज्यादा vacuum tube का इस्तेमाल किया गया था| जिसकी वजह से यह बहुत ज्यादा बड़े आकार के थे और इनमे ऊर्जा की खपत भी बहुत ज्यादा होती थी|

इस पीढ़ी के कंप्यूटर को रखने के लिए बहुत बड़े कमरे की जरूरत पड़ती थी| जब इन को एक जगह पर रख दिया जाता था तो उसके बाद इन कंप्यूटर को दूसरी जगह रखने का काम बहुत मुश्किल हो जाता था और साथ ही कंप्यूटर को चलाने के लिए air conditioned की जरुरत पढ़ती थी क्योंकि यह बहुत जल्दी गर्म हो जाते थे| उनके काम करने के तरीके के बारे में बात करें तो यह बहुत धीमी गति से काम करते थे और इनके द्वारा दिए गए रिजल्ट शत प्रतिशत सही नहीं होते थे।

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में सिर्फ मशीनरी और बायनरी भाषा का इस्तेमाल किया जाता था| यही वजह थी कि इसको operate करना भी बहुत मुश्किल होता था क्योंकि इन भाषाओं का ज्ञान हर किसी को नहीं होता था| यही इस पीढ़ी के कंप्यूटर को चलाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी| प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में ENIAC के अलावा और भी अन्य कंप्यूटर का निर्माण किया गया था जिनके नाम कुछ इस प्रकार है:-

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण – Example of First Generation of Computer

  • EDSAC (electronics Delay Storage Automatic Calculator)
  • UNIVAC (Universal Automatic Computer)
  • UNIVAC – 1
  • IBM – 701
  • IBM 650

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के गुण – Advantages of First Generation of Computer

  • प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में मशीनी लैंग्वेज और बायनरी लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता था| जिसमें कमांड 0 और 1 के रूप में दिए जाते थे। 
  • इस कंप्यूटर में डाटा को स्टोर करने के लिए मैग्नेटिक ड्रम का इस्तेमाल किया जाता था। 
  • डाटा को सुरक्षित रखने के लिए पंच कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। 
  • First generation of computer में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था।

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान – Disadvantages of First Generation of Computer

  • प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर size में बहुत ज्यादा बड़े होते थे। 
  • यह बहुत धीमी गति के साथ काम करते थे। 
  • इनके द्वारा दिए गए रिजल्ट शत प्रतिशत सही नहीं होते थे। 
  • यह बहुत ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल करते थे| जिसकी वजह से बहुत ज्यादा गर्मी छोड़ते थे। 
  • इन को चलाने के लिए एक कंडीशन का उपयोग करना जरूरी होता था। 
  • यह कंप्यूटर वर्तमान के कंप्यूटर की तुलना में बहुत धीमी गति से काम करते थे।

2. द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर – Second Generation of Computer in Hindi

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में साल 1956 से लेकर सन 1964 तक के कंप्यूटर आते हैं| दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया था कि इसमें vacuum tube की जगह transistor का इस्तेमाल किया जाने लगा जो कि इस पीढ़ी के कंप्यूटर के लिए सबसे बड़ी क्रांति साबित हुआ था| ट्रांजिस्टर का आविष्कार William Shockley और उनके सहयोगी वैज्ञानिक टीम ने 1947 में अमेरिका में किया था|

जब से दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार हुआ तब से इन कंप्यूटर को चलाना पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा आसान हो गया था| यह पहली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में तेज गति के साथ काम करते थे और results भी सही देते थे और इनकी स्पीड भी first generation of computer की तुलना में काफी तेज थी| यही वजह थी कि अब इस computer का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा था और यह कंप्यूटर first generation of computer की तुलना में आकार में छोटे थे| परंतु यह इतने भी छोटे नहीं थे कि इनको एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से ले जाया जा सके| दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में Fortran, Cobol, Algol, Snobal जैसी उच्च स्तरीय भाषाओं का उपयोग किया गया था।

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण – Example of Second Generation of Computer

  • IBM 7094
  • UNIVAC 1108
  • Honeywell 400
  • CDC 1604
  • CDC 3600

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर के गुण – Advantages of Second Generation of Computer

  • Second generation of computer  में vacuum tube की जगह transistor का इस्तेमाल किया जाने लगा जिसकी वजह से यह कंप्यूटर size में भी छोटे हो गए। 
  • इन कंप्यूटर की काम करने की गति पहले से तेज हो गई। 
  • इनके द्वारा दिए गए रिजल्ट भी सही होने लगे। 
  • डाटा को स्टोर करने के लिए मैग्नेटिक ड्रम के साथ-साथ मैग्नेटिक कोर मेमोरी का इस्तेमाल किया जाने लगा।
  • डाटा को सुरक्षित रखने के लिए पंच कार्ड के साथ-साथ disk और मैग्नेटिक टेप का इस्तेमाल होने लगा। 
  • सेकेंड जनरेशन के कंप्यूटर में उच्च स्तरीय भाषा का इस्तेमाल किया जाने लगा जैसे कि Fortran (Formula Translation), COBOL (Conman Business)

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान – Disadvantages of Second Generation of Computer

  • यह कंप्यूटर size में बहुत बड़े थे जिसकी वजह से इनको एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना बहुत मुश्किल था। 
  • इन कंप्यूटर को चलाने के लिए उच्च स्तरीय भाषाओं के बारे में जानकारी होना जरूरी था जिसका ज्ञान हर किसी को नहीं होता था। 
  • इन कंप्यूटर को चलाने के लिए air conditioned का इस्तेमाल किया जाता था जो कि इसके द्वारा पैदा करी गई उर्जा की गर्मी को कम करने के लिए जरूरी होता था।

3. तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर – Third Generation of Computer in Hindi

तृतीया पीढ़ी के कंप्यूटर में साल 1964 से लेकर सन 1971 तक के कंप्यूटर आते हैं|  तीसरी पीढ़ी में कंप्यूटर में काफी ज्यादा बदलाव किए गए| इनमें ट्रांजिस्टर की जगह पर इंटीग्रेटेड सर्किट का इस्तेमाल किया जाने लगा जो की तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के विकास का सबसे बड़ा कारण साबित हुआ। 

इंटीग्रेटेड सर्किट का आविष्कार साल 1958 में Texas Instrument Company के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर Jack Kibly के द्वारा किया गया था| जिसके आने से कंप्यूटर में काफी ज्यादा बदलाव हो गए थे। इंटीग्रेटेड सर्किट का इस्तेमाल होने की वजह से कंप्यूटर का size छोटा हो गया| इनके काम करने की गति बहुत ज्यादा बढ़ गई और result भी विश्वसनीय हो गए|

इसके अलावा तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में operating system का इस्तेमाल किया जाने लगा जिसकी वजह से इसनका इस्तेमाल आसान हो गया और इन कंप्यूटर को चलाने के लिए हाई लेवल का उपयोग किया जाने लगा।

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण – Example of Third Generation of Computer

  • Programmable Data Processor 1 (PDP -1)
  • PDP-5
  • PDP-8
  • ICL 2903
  • ICL 1900
  • UNIVAC 1108

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर के गुण – Advantages of Third Generation of Computer in Hindi

  • तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में इंटीग्रेटेड चिप का इस्तेमाल किया जाने लगा। 
  • इनके द्वारा दिया गया रिजल्ट अधिक विश्वसनीय साबित होने लगे। 
  • Third generation of computer में ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाने लगा जिसकी वजह से सिस्टम के आंतरिक कार्य automatic हो गए। 
  • यह कंप्यूटर पहले दोनों पीढ़ियों के कंप्यूटर की तुलना में तेजी से काम करने लगे। इनकी स्पीड पहले से काफी ज्यादा फास्ट हो गई। 
  • यह कंप्यूटर आकार में छोटे होने की वजह से एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से रखे जाने लगे।

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर के अभाव – Disadvantages of Third Generation of Computer

  • Third generation of computer को चलाने के लिए एयर कंडीशन की जरूरत पड़ती थी। 
  • इस जनरेशन के कंप्यूटर को खास उद्देश्य के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था। 
  • इंटीग्रेटेड सर्किट चिप का निर्माण होने की वजह से यह पहले से और भी जटिल हो गए थे।

4. चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर – Fourth Generation of Computer in Hindi

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में साल 1971 से लेकर 1985 के कंप्यूटर को लाया गया है| इन कंप्यूटर में सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ था कि इनमें इंटीग्रेटेड सर्किट चिप की जगह पर VLSI (Very Large Scale Integrated) चिप का इस्तेमाल किया जाने लगा| जिसमें एक ही साथ 30,000 components को integrate किया जा सकता है। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में Graphical User Interface पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया जिसकी वजह से गणतीये और लॉजिकल कार्य करने के लिए यह बहुत ही आसान थे।

माइक्रो प्रोसेसर के आने से कंप्यूटर को microcomputer का रूम मिला| MITS कंपनी द्वारा पहला माइक्रो कंप्यूटर ALTAIR 800 बनाया गया था| यह कंप्यूटर यूजर फ्रेंडली था इसलिए इसको चलाना बहुत आसान हो गया था| आज के समय में भी माइक्रोप्रोसेसर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है| इन कंप्यूटर को नेटवर्क के द्वारा एक-दूसरे के साथ जोड़ा जा सकता है| यह कंप्यूटर size में इतने ज्यादा छोटे हैं कि इनको एक ही टेबल पर रख कर इस्तेमाल किया जा सकता है| इसलिए इन कंप्यूटर को personal computer कहा जाता है|

हम आपको बताना चाहेंगे कि पहला personal computer IBM कंपनी के द्वारा विकसित किया गया था| इस पीढ़ी के कंप्यूटर में सबसे बड़ा क्रांति तब आई जब इनमे mouse का इस्तेमाल किया जाने लगा| चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में प्रोग्राम लिखने के लिए C, C++, Java, Visual Basic जैसी लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाने लगा।

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण – Example of Fourth Generation of Computer

  • IBM 4341
  • DEC 10
  • STAR 1000
  • ZX – Spectrum
  • PDP 11
  • Macintosh
  • CRAY-1 (Supercomputer)
  • CRAY-X-MP (Supercomputer)

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर के गुण – Advantages of Fourth Generation of Computer

  • चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में VLSI चिप का इस्तेमाल किया जाने लगा जिसकी वजह से इनका size बहुत ज्यादा छोटा हो गया। 
  • इन कंप्यूटर की कीमत बहुत कम होने की वजह से इनका का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जाने लगा। 
  • इन को चलाने के लिए एयर कंडीशन की जरूरत बहुत कम पड़ती थी। 
  • डाटा को सुरक्षित रखने के लिए मैग्नेटिक कोर के साथ सेमीकंडक्टर मेमोरी का इस्तेमाल किया जाने लगा।
  • चतुर्थ पीढ़ी में ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ-साथ काम करने के लिए कई एप्लीकेशन प्रोग्राम सॉफ्टवेयर तैयार किए गए जैसे कि Word Processing, spreadsheet, Database etc से काम करना आसान हो गया।

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान – Disadvantages of Fourth Generation of Computer

  • इन कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर चिप के खराब होने की ज्यादा संभावना होती थी। 
  • इनके इस्तेमाल से इंटरनेट की आवश्यकता ज्यादा बढ़ गई। 
  • इनमें मल्टीमीडिया काम होने की वजह से ज्यादा मेमोरी का इस्तेमाल होने लगा।

5. पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर – Fifth Generation of Computer in Hindi

साल 1985 के बाद से लेकर अब तक भविष्य में इस्तेमाल किए जाने वाले कंप्यूटर को पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर में रखा गया है| इस पीढ़ी के कंप्यूटर में artificial Intelligence का प्रयोग किया जाने लगा जिसकी वजह से voice recognition, image control का काम भी बहुत तेजी से होने लगा| 

इस पीढ़ी के कंप्यूटर में VLSI के जगह पर यू ULSIC (Ultra Large Scale Integrated Circuit) का micro processor के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा| माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल करने की वजह से कंप्यूटर के काम करने की क्षमता पहले से ज्यादा बढ़ गई और इस कंप्यूटर का इस्तेमाल मुख्य रूप से Accounting, Engineering, Researches, defense क्षेत्र में किया जाने लगा है। पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर की बात करें तो इसमें मुख्य रूप से Window 95, C++, Visual Basic, Java जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाने लगा है।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण – Example of Fifth Generation of Computer

  • Desktop
  • Laptop
  • Palmtop
  • Notebook
  • Ultrabook
  • Chromebook
  • Param (Supercomputer)

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के गुण – Advantages of Fifth Generation of Computer

  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर का आकार बहुत छोटा था जिसकी वजह से इनको एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान हो गया था। 
  • इन कंप्यूटर में heating की समस्या कम होने के कारण इनको कई घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है। 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर का multimedia के क्षेत्र में बहुत विकास हुआ है| जैसे sound, image, text, graph आदि| 
  • इस कंप्यूटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होने की वजह से यह कंप्यूटर निर्णय लेने की स्वयं क्षमता रखते हैं। 
  • इन कंप्यूटर में स्टोरेज की बहुत ज्यादा क्षमता होती है। 
  • इस पीढ़ी में मुख्य रूप से भारत में निर्मित PARAM सुपर कंप्यूटर शामिल है। 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर में high language जैसे कि C, C++, ASP.NET, Java, Python का इस्तेमाल किया जाने लगा है।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान – Disadvantages of Fifth Generation of Computer

  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर ने आदमी के दिमाग को सुस्त और कमजोर बना दिया है। 
  • इंसान पूरी तरह पर कंप्यूटर पर निर्भर हो गया है।

Conclusion

दोस्तों अब आप जान चुके हैं कि कंप्यूटर की कितनी पीढ़ियां है यानी कि Generation of Computer in Hindi कितनी है, कौन सी पीढ़ी कब शुरू हुई और कब खत्म हुई, किस पीढ़ी में किस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता था और उनकी तकनीक में क्या क्या बदलाव आए थे| उम्मीद करते हैं कि आपके लिए हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी लाभदायक सिद्ध होगी| अगर आपको हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी से संबंधित कोई भी डाउट है या फिर आप हमें कोई राय देना चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions)

कंप्यूटर की जनरेशन कितनी है?

कंप्यूटर की जनरेशन को समय-समय पर किए गए तकनीकी बदलाव के आधार पर बांटा गया है यही वजह है कि कंप्यूटर की कुल 5 जनरेशन है। जो कि इस प्रकार है:–

  • First Computer Generation (1946-1956)
  • Second Computer Generation (1956-1964)
  • Third Computer Generation (1964-1971)
  • Fourth Computer Generation (1971-1985)
  • Fifth Computer Generation (1980-Till)

2022 में कंप्यूटर की जनरेशन कितनी है?

2022 में कंप्यूटर की 5th जनरेशन चल रही है| 

कंप्यूटर की लेटेस्ट जनरेशन कौन सी है?

कंप्यूटर की लेटेस्ट जनरेशन 5th जनरेशन है|

कंप्यूटर कितने प्रकार की जनरेशन में विभाजित है?

तकनीक के आधार पर कंप्यूटर को 5 जनरेशन में विभाजित किया गया है| 

  • प्रथम (1946 से 1956 तक)
  • द्वितीय (1956 से 1964 तक)
  • तृतीय (1964 से 1971 तक)
  • चतुर्थ (1971 से 1980 तक)
  • पांचवी (1980 से वर्तमान तक

कंप्यूटर की 5 पीढ़ियां कौन कौन सी है?

कंप्यूटर के मुख्य 5 पीढ़ियां निम्नलिखित हैं:

  • पहली पीढ़ी 1946-1959 वैक्यूम ट्यूब पर आधारित है|
  • दूसरी पीढ़ी 1959-1965 Transistors पर आधारित है|
  • तीसरी पीढ़ी 1965-1971 Integrated Circuit पर आधारित है|
  • चौथी पीढ़ी 1971-1980 VLSI Microprocessor पर आधारित है|
  • पांचवीं पीढ़ी 1980 के बाद ULSI Microprocessor पर आधारित है|

पहली पीढ़ी का कंप्यूटर कौन सा है?

पहली पीढ़ी का computer ENIAC है| जिसे Electronic Numerical Integrator and Calculator भी कहा जाता है|  इलैक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का नाम : इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर और कैलकुलेटर था। यह पहली पीढ़ी का प्रथम कंप्यूटर था।

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी कब से कब तक?

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी 1971 से 1980 तक थी| इस पीढ़ी में VLSI (Very Large Scale Integrated) circuit का इस्तेमाल किया जाने लगा था| इसके सर्किट बिअर्ड में एक साथ 30000 components को इंटेग्रटे किया जा सकता है| 

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर की भाषा कौन सी थी?

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में machine language का इस्तेमाल किया जाता था।

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी क्या है?

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी में साल 1971 से लेकर साल 1980 तक के कंप्यूटर को लिया गया था| इन कंप्यूटर में VLSI यानी कि very large scale integrated चिप का इस्तेमाल किया गया था| इसलिए इन्हे माइक्रोप्रोसेसर के रूप में भी जाना जाता था।

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