Microsoft Windows क्या है और इसका इतिहास

हेलो दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट विंडोज क्या है और इसके कितने प्रकार हैं और इसका इतिहास क्या है। अगर नही तो आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्रदान करने की कोशिश करेंगे। इंटरनेट के इस दौर में अधिकत्तर लोग माइक्रोसॉफ्ट विंडोज पर ही कार्य करते हैं लेकिन उनको इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी नही होती है। माइक्रोसॉफ्ट विंडो, माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा निर्मित सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम और ग्राफिकल यूजर इंटरफेस की एक श्रृंखला है।

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज क्या है?

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, जिसे विंडोज और विंडोज ओएस भी कहा जाता है, पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) चलाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस)। आईबीएम-संगत पीसी के लिए पहले ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (जीयूआई) की विशेषता, विंडोज ओएस जल्द ही पीसी बाजार पर हावी हो गया। यह ऑपरेटिंग सिस्टम काफी यूजर फ्रेंडली है इसीलिए यह सबसे ज्यादा पॉपुलर है। दुनिया में ज्यादातर कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज का इस्तेमाल किया जाता है इसका इंटरफ़ेस बहुत ज्यादा आसान है| इसीलिए यह सबसे ज्यादा पॉपुलर बन चुका है। माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के रिलीज होने से पहले तक लोग MS-Dos ऑपरेटिंग सिस्टम के कमांड लाइन इंटरफेस पर काम किया करते थे।

1983 में, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और पॉल एलन द्वारा विंडोज की घोषणा की गई थी। उस समय, इसे इंटरफ़ेस मैनेजर के रूप में कोडनेम किया गया था, लेकिन विंडोज नाम की जीत हुई क्योंकि इसने नए ओएस को देखने के लिए आवश्यक विंडो या बॉक्स का उपयुक्त वर्णन किया।अब तक माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के बहुत से वर्जन आ चुके हैं जिसमें सबसे नवीनतम वर्जन विंडोज 10 है जिसके बहुत से फीचर्स हैं जिसकी वजह से यह लोगों के बीच बहुत ही लोकप्रिय है।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जिसे OS के नाम से भी जाना जाता है। आसान भाषा में कहें तो यूजर की बात कंप्यूटर को और कंप्यूटर की बात यूजर को समझता है, इस तरह दोनो के बीच संवाद कायम कराता है। ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर का में सॉफ्टवेयर होता है जो बाकी सारे सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम्स को चलाता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर एक निर्जीव वस्तु होता है क्योंकि ऑपरेटिंग सिस्टम बेजान हार्डवेयर को काम करने लायक बनाता है और हार्डवेयर के ऊपर अन्य सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को भी चलने लायक सुविधा प्रदान करता है। मल्टीटास्क ऑपरेटिंग सिस्टम में एक ही समय पर बहुत सारें प्रोग्राम्स चल जाते हैं और ऑपरेटिंग सिस्टम यह निर्धारित करता है कि कौन सा प्रोग्राम कब चलेगा और कितने समय के लिए चलेगा।

विंडोज के प्रकार

Single User OS

सिंगल यूजर OS में एक समय पर केवल एक ही व्यक्ति कंप्यूटर पर कार्य कर सकता है।

Multiple User OS

मल्टीपल यूजर OS में एक समय पर एक या एक से अधिक व्यक्ति एक साथ काम कर सकते हैं। मल्टीपल यूजर OS का इस्तेमाल बड़ी बड़ी कंपनियों में किया जाता है। जहां पर लोगों को तालमेल में काम करना होता है।

मल्टीटास्किंग OS

मल्टीटास्किंग OS में आप अलग अलग प्रोग्राम को एक साथ ऑपरेट कर सकते हैं।

मल्टीथ्रेडिंग OS

मल्टीथ्रेडिंग OS एक ही प्रोग्राम के कई पार्ट्स को चलाने का कौशल उपलब्ध कराता है।

मल्टीप्रोसेसिंग OS

मल्टीप्रॉसेसिंग OS की खास विशेषता यह है कि यह एक प्रोग्राम को एक से अधिक सीपीयू पर ऑपरेट करने की सुविधा उपलब्ध कराता है।

विंडोज की विशेषता

विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरुआत 1985 में हुई तब से लेकर अब तक इसके हर वर्जन ने काफी लोकप्रियता हासिल की है। माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक ग्राफिक यूजर इंटरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम है। विंडोज के आने के बाद से कंप्यूटर में सभी कार्यों को माउस से किया जा सकता है। उस से पहले तक कंप्यूटर में किसी भी कार्य को करने के लिए कमांड की जरूरत होती थी। विंडोज में टास्कबार का ऑप्शन होता है जिससे कि आप कंप्यूटर में खुली सभी विंडोज को देख सकते हैं और आसानी से दूसरे प्रोग्राम में स्विच कर सकते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज को बहुत ही सरल और यूजर फ्रेंडली बनाया गया है जिससे कि किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से विंडोज में काम कर सकता है। विंडोज में सर्च फंक्शन की मदद से आप पाने कंप्यूटर में सुरक्षित ढेर सारी फाइलों में से किसी खास फाइल को ढूंढ सकते हैं। विंडोज अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में बहुत ही एडवांस और संपूर्ण है इसीलिए ज्यादातर कंप्यूटर विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं।

विंडोज का इतिहास

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ को अस्तित्व में आए 39 साल हो चुके हैं। विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम सबसे व्यापक ऑपरेटिंग सिस्टमों में से एक है जो दुनिया भर में प्रयोग किया जाता है जिसे माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित किया गया था। माइक्रोसॉफ्ट विंडोज की शुरुआत में 10 नवंबर, 1983 को बिल गेट्स द्वारा घोषित किया गया था, और उपयोगकर्ता के लिए एक ग्राफिकल यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस पेश किया। तो चलिए जानते हैं विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के इतिहास के बारे में।

Windows 1.0

यह विंडोज का सबसे पहला वर्जन था जिसे नवंबर 1985 में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा लॉन्च किया गया था। विंडोज 1.0 में कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए पॉइंट और क्लिक जैसे फीचर्स उपलब्ध थे। इसमें बहुत सारे बेसिक फंक्शन थे जैसे कैलेंडर, एमएस पेंट, कैलकुलेटर इत्यादि। यह पहला GUI पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम था। यह MS-DOS के ऊपर चल रहा था जो कि निर्भर था एक कमांड लाइन इनपुट पर।

Windows 2.0

विंडोज 2.0 को सन् 1987 को रिलीज किया गया था। विंडोज 2.0 पहले वाले के मुकाबले अलग व ज्यादा बेहतर नहीं था, जो उपयोगकर्ताओं को एप्लिकेशन विंडो को ओवरलैप और आकार बदलने की अनुमति देता है, और ऑपरेटिंग वातावरण ने डेस्कटॉप आइकन और कीबोर्ड शॉर्टकट के लिए समर्थन भी पेश किया। इस वर्जन में विंडोज को Minimize और Maximize करने की सुविधा थी। इसमें कुछ सॉफ्टवेयर को Introduce किया गया जैसे कि Microsoft Word, Excel आदि। इसकी खास बात यह थी कि इसे इंटेल 286 प्रोसेसर से बनाया गया था यह VGA (Video Graphic Array) डिस्पले सिस्टम को सपोर्ट करता था जो कि अनुमति देता था 16 कलर्स का इस्तेमाल करने के लिए 640×480 की रेजोल्यूशन में।

Windows 3.0

विंडोज 3.0 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 1990 में लॉन्च किया गया था। पिछले दोनों विंडोज को अपग्रेड करके इस विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को लाया गया। इसमें ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) को भी अपडेट किया गया। यह नए Icons के साथ आया था और देखने में इसका इंटरफ़ेस काफी बेहतर था। यह माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से लॉन्च किया जाने वाला पहला ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम था जिसमें हार्ड डिस्क को कनेक्ट किया जा सकता था। इसमें वर्चुअल मेमोरी, इंप्रूव्ड ग्राफिक्स और मल्टीटास्किंग की एबिलिटी होने के कारण इसकी बिक्री 10 मिलियन तक हो गई थी। जिस कारण यह वर्जन कुछ ही समय में काफी प्रसिद्ध हो गया था। इस वर्जन के लोकप्रिय होने का मुख्य कारण था windows Software Development Kit (SDK), जिससे डेवलपर्स को काफी मदद मिली, अब डेवलपर इस विंडोज के जरिए एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर डिवेलप कर पाते। इसमें बहुत ही फेमस गेम solitaire को भी पहली बार लॉन्च किया।

Windows 3.1

विंडोज 2.1 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 1992 में लॉन्च किया गया था। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में 3.0 की कुछ कमियों को अपग्रेड किया गया था। इसमें सभी इंप्रूव्ड फॉन्ट को शामिल किया गया। विंडोज 3.1 में जरूरत होती है 1MB RAM की जरूरत होती है। साथ ही इसमें पहली बार MS-DOS को माउस के जरिए कंट्रोल करने को सपोर्ट किया। यह माइक्रोसॉफ्ट का पहला विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम था जिसमें RAM और CD-ROM लगाया गया। इसे एक बार Hard Drive में इंस्टॉल कर लेने से यह सिर्फ 10 से 15 MB की स्पेस ही लेता था। यह विंडो मल्टीमीडिया फंक्शनैलिटी को सपोर्ट करता था। विंडोज 3.1 में किसी एप्लीकेशन को बंद करने की एबिलिटी को शामिल किया गया जिससे एक प्रेस करने से जो कि है Ctrl+Alt+Del। इससे किसी हैंग प्रोग्राम को एक झटके में बंद किया जा सकता था। टास्क मैनेजर को ओपन करने की सुविधा भी इसमें दी गई।

Windows 95

विंडोज 95 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 1995 में लॉन्च किया गया था। विंडो को अपग्रेड करने से विंडोज के इतिहास को ही बदल कर रख दिया। इसमें पहली बार स्टार्ट बटन और स्टार्ट मेनू को इस इस वर्जन में शामिल किया और साथ में टास्कबार को भी जोड़ा गया। यह वर्जन काफी सारे लोगों को बहुत पसंद आया क्योंकि इस वर्जन में काफी सारे फीचर्स जोड़े गए। विंडोज 95 वो पहला ऑपरेटिंग सिस्टम था जिसमें लोंग फाइलनेम्स को सपोर्ट किया। विंडोज 95 में 32-Bit को इंट्रोड्यूस्ड किया गया था। इससे पहले सभी विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में 16 बिट मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम था।

Windows 98

विंडोज 98 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष1998 में लॉन्च किया गया था। इस वर्जन को विशेषकर उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया था। इस वर्जन में बैक और नेविगेशन बटन को इंट्रोड्यूस किया गया था। इसमें USB Port को जोड़ा गया। USB पोर्ट में काफी Improvement किए गए और इसमें काफी सारी टेक्निक इंट्रोड्यूस की गई जैसे कि FAT 32, MMX & DVD इत्यादि। इस वर्जन में आपको एड्रेस बार , एक्सप्लोरर जैसे फीचर्स देखने को मिलते थे साथ ही इसमें विंडोज के आने वाले वर्जन को सपोर्ट करने के लिए ड्राइवर का सपोर्ट भी दिया गया था जो की एक काफी लेटेस्ट फीचर हुआ करता था इस वर्जन का। साथ में USB hubs और USB mice को भी बहुत ज्यादा उपयोग में लाया गया।

Windows 4.0

विंडोज 4.0 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 1996 में लॉन्च किया गया था। इसमें सिर्फ कुछ हीi सुधार किए गए थे जो कि काफी नहीं थे और इसीलिए इसे मेजर विंडोज रिलीज भी नहीं माना गया।

Windows ME

विंडोज ME ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 2000 में लॉन्च किया गया था। यह विंडोज का Millennium Edition (ME) का आखरी OS था, जिसे MS-Dos के साथ Build किया गया था। इस वर्जन में System Restore Feature को जोड़ा गया जिसके द्वारा Delete की हुई सिस्टम फाइल को रिस्टोर किया जा सकता था। इसमें Internet Explorer (IE 5.5), Windows Media Player और Windows Movie Maker को पहली बार इसी वर्जन के साथ उतारा गया। अगर सुरक्षा की बात करे तो इस Version में System File Protection को शामिल किया गया था जो की Files को काफी हद तक सुरक्षा प्रदान करता था। इसमें आप Digital Camra को Connect करके डाटा Transfer कर सकते थे।

Windows 2000

विंडोज 2000 को वर्ष 2000 में लॉन्च किया गया था जो की Windows NT family का पार्ट था और यह बाद में Windows XP का Base Version बन चूका था। विंडोज 2000 पूरी तरह से बिजनेस ओरिएंटेड सिस्टम पर बेस्ड था। इसमें Disk Defragmenter और Device Manager जैसी Advanced Feature को जोड़ा गया। यहां से Windows की Automatic Updating फीचर को add किया गया, इसके अलावा इसमें Hibernation Feature का Support दिया गया। माइक्रोसॉफ्ट के इस ऑपरेटिंग सिस्टम में कई सारे डिवाइसेज को जोड़ कर Plug और Play किया जा सकता था। यह ऑपरेटिंग सिस्टम कई यूटिलिटी सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करता है जैसे कि Microsoft Management Console, Standard System, standard Administration।

Windows XP

विंडोज XP को वर्ष 2001 में लॉन्च किया गया था। यह माइक्रोसॉफ्ट का सबसे ज्यादा प्रसिद्धऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे सबसे ज्यादा और बेस्ट यूजर फ्रेंडली ऑपरेशन सिस्टम के रूप में पहचाना जाता है । माइक्रोसॉफ्ट की अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाली और बेस्ट सेलिंग ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज XP ही है। विंडोज XP के दो लोकप्रिय वर्जन Windows XP Home Edition और Windows XP Professional हैं।

इस वर्जन में माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा बहुत बार अपडेट दिए जाते थे और साथ ही इस वर्जन में 2014 तक अपडेट मिली उसके बाद इस वर्जन में अपडेट देना बंद कर दिया गया। इसमें Start Menu और Taskbar को अपडेट करके इसे नया डिजाइन प्रदान किया। इसके साथ ही Start Button को Familiar Green Colour में लाया गया। इसमें बहुत सारे ग्राफिकल अपग्रेडेशन किए गए। blue taskbar और vista wallpaper, साथ में various shadow और visual effects भी प्रदान किये गए।


इसके अलावा कई एडवांस फीचर जैसे – Clear-type, CD Burning, Auto-play, Etc. को भी इस विंडोज के साथ जोड़ा गया था। विंडोज XP की सिक्योरिटी ही उसकी बहुत बड़ी समस्या थी क्योंकि इसमें फायरवॉल तो इनबिल्ट ही था लेकिन यह हमेशा ही turn off रहता था जिससे हैकर्स को सिस्टम पर अटैक करना आसान हो जाता था लेकिन बाद में इसे ठीक कर दिया गया था।

Windows Vista

  • विंडोज vista को वर्ष 2006 में लॉन्च किया गया था।
  • इस ऑपरेटिंग सिस्टम में बहुत सारे अपडेट किए गए। इसमें सिक्योरिटी सिस्टम को बहुत ज्यादा मजबूत किया गया। इस वर्जन में अगर सिक्योरिटी देखी जाए तो इसमें Bitlocker Drive Encryption होती थी जो फाइल को बहुत ही ज्यादा सुरक्षा प्रदान करती थी।
  • साथ ही मनोरंजन के लिए Photograph Customization, Video Editing, Better Display Design और Media Player में Enhancement को Upgrade किया गया। उस समय PC में Games को लेकर यह Version काफी तेज था। Windows Media Player 11 और Internet Explorer 7 को अपडेट करके जोड़ा गया। यह वर्जन केवल तीन साल ही रह पाया, क्यूंकि इस वर्जन में काफी bugs थे और साथ में यह ज्यादा user-friendly नहीं था। साथ ही इसमें एक Antivirus Program, Windows Defender के नाम से जोड़ा गया। माइक्रोसॉफ्ट का यह पहला ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे मार्केट में DVD में उतारा गया, और Distribute किया गया।

Windows 7

विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 2009 में लॉन्च किया गया था। यह वर्जन ज्यादा तेज, ज्यादा stable और इस्तेमाल करने में बहुत ही आसान था। इसमें बहुत से नए फीचर्स को जोड़ा गया था जैसे कि Snap, Peek और Shake। विंडोज XP के बाद अगर बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टम है तो वो है विंडोज 7। इसमें Automatic Window Resizing का भी फीचर था। इसमें Music, Video और Photos को कंप्यूटर से स्टीरियो या टीवी पर Streaming जैसे फीचर को यूजर्स के लिए जोड़ा गया। इसके इलावा इसमें Internet Explorer 8 और Handwriting Recognition जैसे फीचर को भी जोड़ा गया। जो लोग कंपनी चलाते हैं या प्रोफेशनल उपयोग करते हैं उनके लिए विंडोज 7 काफी बेहतर वर्जन साबित हुआ।

Windows 8

विंडोज 8 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 2012 में लॉन्च किया गया था। Windows 8 की Graphical Display को पूरी तरह से बदल दिया गया। जिसमें Start Button और Start Menu में सबसे ज्यादा बदलाव किया गया। इसमें माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कुछ In-Build Default Program जैसे – News, Weather, Messenger, People, Being, Microsoft App Store, Etc. को Add किया।
विंडोज 8 बहुत ही ज्यादा तेजी से काम करती है अपने पिछले सभी वर्जन की तुलना में। इसमें USB 3.0 Devices का Support दिया गया। इसमें Touch Friendly Screen प्रस्तुत किया गया।

Programs Lists की स्थान पर Programs icon और Live Tiles Interface को अपडेट करके इसमें लाया गया। इसके अलावा इसमें कई नई टेक्नोलॉजी को भी शामिल किया गया है। साथ ही इसमें बहुत सी security features जैसे की malware filtering, spam detection, built-in antivirus capabilities इत्यादि शामिल किये गए थे।

Windows 10

विंडोज 10 ऑपरेटिंग सिस्टम को वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था। विंडोज 10 माइक्रोसॉफ्ट का लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम है। विंडोज 10 में उन सभी फीचर्स को जोड़ा गया जो पहले के वर्जन में देखने को नहीं मिले और इसके अलावा इसमें बहुत से नए फीचर्स को भी ऐड किया गया है। साथ ही विंडोज 10 की खास बात यह है कि इसमें लगातार अपडेट्स आती रहती है।

विंडोज 7 की तरह इसमें Start Button और Start Menu दिया गया है। इसमें बहुत से interesting features को जोड़ा गया है जैसे कि आप keyboard mode, mouse mode, tablet mode में switch कर सकते हैं। विंडोज 10 में Microsoft Edge Browser भी ऐड किया गया है। अगर सिक्योरिटी की बात की जाए तो विंडोज 10 में आपको Biometric, Fingerprint जैसे फीचर्स भी देखने को मिल जाते है जिससे कि आपका कंप्यूटर कोई भी आसानी से एक्सेस नहीं कर सकता।

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के फायदे

  • विंडोज का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। किसी भी वर्ग या उम्र के लोग इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते है।
  • विंडोज अन्य दुसरे ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में बहुत अधिक लोकप्रिय है इसलिए लगभग सभी
  • कंपनी अपने सॉफ्टवेयर को इस प्रकार से बनाती है कि वह विंडोज को सपोर्ट करे। इसमें आपको बहुत सारे सॉफ्टवेयर मिल सकते है
  • माइक्रोसॉफ्ट विंडोज कंप्यूटर हार्डवेयर को बेहतरीन तरीके से सपोर्ट करता है।
  • विंडोज की मदद से आप कंप्यूटर पर जल्दी कार्य कर सकते हैं इसमें Multitasking के लिए Shortcut Key हैं।
  • गेमिंग के लिए माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक बेहतरीन ऑपरेटिंग सिस्टम है. गेमिंग के कई सारे हार्डवेयर को माइक्रोसॉफ्ट विंडोज सपोर्ट करता है।
  • पहले कंप्यूटर में काम करने के लिए कमांड को याद रखना पड़ता था लेकिन विंडोज के आ जाने से क्लिक और Point के द्वारा कंप्यूटर में काम कर सकते हैं।
  • विंडोज अपने पुराने संस्करणों पर इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोग्राम को अपने नए संस्करणों पर भी सपोर्ट करता है। जो इसको compatible बनाता है।

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के नुकसान

  • माइक्रोसॉफ्ट विंडोज की कीमत बाकी सारे ऑपरेटिंग सिस्टम से अधिक होती है।
  • अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में वायरस का खतरा भी अधिक रहता है।
  • विंडोज में सिक्यूरिटी शुरू से ही चर्चा का विषय रही है. सिक्योरिटी के मामले में भी माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम इतना बेहतर नहीं है।
  • विंडोज को समय समय पर reboot करना पड़ता है अगर ऐसा न किया जाए तो सिस्टम hang हो कर काम करना बंद कर देगा।
  • माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में काम करने के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए।

Conclusion

मैं उम्मीद करता हूं कि मैं आपको माइक्रोसॉफ्ट विंडोज क्या है और इसका इतिहास के बारे में जानकारी देने में सफल रहा हूं। अगर आपके मन में इस लेख को लेकर कोई भी आशंका है तो हमें जरूर बताएं। अगर आपको हमारा लेख पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार वालों के साथ जरूर सांझा करें और अपने विचार सांझा करने के लिए हमारे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट अवश्य करें धन्यवाद।

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Frequently Asked Questions (FAQ’s)

Laptop में windows 10 की trial version कितने दिन चलता है?

Laptop में windows 10 की trial version officially 90 दिनों की होती है।

विंडोज का अबिष्कार किसने किया?

विंडोज का आविष्कार माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने किया जिसके संस्थापक Bill Gates हैं।

क्या विंडोस 7 और 10 का इस्तेमाल एक साथ कर सकते हैं?

जी हाँ आप Dual Booting के द्वारा अपने कंप्यूटर में विंडोज 7 और विंडोज 10 का इस्तेमाल कर सकते हैं पर आप एक समय में एक ही विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट क्या है?

माइक्रोसॉफ्ट एक टेक कंपनी है। जिसे माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन कहा जाता है। विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के द्वारा डेवलप किया गया था।

विंडोज की उपयोगिता क्या है?

विंडोज को बनाया कंप्यूटर के लिए गया था। किंतु आज इसका उपयोग कंप्यूटर के साथ मोबाइल के लिए भी किया जा रहा है।

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