हैंड सैनिटाइजर क्या होता है | सैनिटाइजर के फायदे और नुकसान क्या है?

सैनिटाइजर क्या होता है_

आज हम आपको बताएगे की सैनिटाइजर क्या होता है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है| हम सभी जानते है की दुनिया भर में कोरोना वायरस फ़ैल रहा है और उस से बचने के लिए कुछ ख़ास चीज़ो का इस्तेमाल किया जा रहा है उनमे से एक है सैनिटाइजर | जैसे कि आप सभी को मालुम होगा की आज कल हर न्यूज़ चैनल और टीवी विज्ञापनों में भी मुँह को ढकने के लिए मास्क और हाथो को बार बार धोने के ऊपर जोर दिया जा रहा है| 

इस कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बहुत जरुरी है परन्तु अभी भी बहुत से लोग है जो सिर्फ अपने हाथो को साबुन से ही धो रहे है| पर इस कोरोना वायरस के इन्फेक्शन से बचने के लिए सिर्फ साबुन से हाथ धोना सही नहीं है| क्यंकि साबुन में वह क्षमता नहीं है जो वायरस से लड़ सके| इसी लिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बहुत जरुरी हो गया है| 

विदेशो में सैनिटाइजर का इस्तेमाल आम किया जाता है क्यंकि वहां हाथो की सफाई के लिए सैनिटाइजर काफी लोकप्रिय है| परन्तु भारत में अभी भी बहुत से लोग है जिनको सैनिटाइजर के बारे में ख़ास मालूम नहीं है|

तो घबराइए नहीं सबसे पहले हम आपको बताएँगे की सैनिटाइजर क्या होता है और इसका इस्तेमाल कहाँ कहाँ किया जाता है और क्यों किया जाता है| अगर हम सिर्फ भारत की बात करे तो जब से कोरोना वायरस भारत में फैला है तब से लोगो ने सैनिटाइजर की खरीद इतनी ज्यादा कर ली है कि बहुत सी जगहों पर तो उपलब्ध भी नहीं रहा| 

हैंड सैनिटाइजर क्या होता है? (Sanitizer meaning in Hindi)

जैसे की हमने आपको बताया था की सैनिटाइजर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है| परन्तु अब प्रश्न यह है की सैनिटाइजर होता क्या है| सैनिटाइजर असल में अंग्रेजी के शब्द Sanitise से बना है जिसका अर्थ होता है स्वच्छ| तो अब आप सोच रहे होंगे कि सैनिटाइजर को हिंदी में क्या कहते है? इसका हम हिंदी अर्थ निकाले तो इसका हिंदी अर्थ प्रक्षालक होता है|

सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए आपको पानी की जरुरत नहीं पड़ती| सैनिटाइजर एक liquid form में होता है बस आप ने सैनिटाइजर को थोड़ी सी मात्रा में अपने हाथो पर रखना होता है और दोनों हाथो को थोड़ा सा आपस में रगड़ना है और आपके हाथ स्वच्छ हो जायेंगे|

वैसे तो अगर आप मार्केट में सैनिटाइजर लेने जाएंगे तो आपको कई तरह के सैनिटाइजर मिल जाएंगे जैसे की फोम, जैल और टिशू के रूप में और इसको बनाने वाली कंपनियों की गिनती लगभग 100 से भी ज्यादा है| और सभी कंपनियां अपनी और से सैनिटाइजर अच्छा भी बना रही है परन्तु आपको सैनिटाइजर लेने से पहले उसमे alcohol की मात्रा को चेक करना है अगर उसमें अल्कोहल की मात्रा 60% या उससे ज्यादा है वही सैनिटाइजर आपको लेना है क्योंकि वह कोरोना वायरस के कीटाणुओं से बचाने में सक्षम है| 

सैनिटाइजर की विशेषता क्या है?

सैनिटाइजर वही अच्छा मन जाता है जिसमे कम से कम अलकोहल की मात्रा 60 से 70 फीसदी हो क्यंकि बाकी बचे हुए फीसदी में परफ्यूम या moisturizer मिक्स करे होते है ताकि हाथो में खुसबू बनी रहे और हाथ मुलायम भी रहे| सैनिटाइजर की यही विशेषता है की यह कीटाणुओं को हाथो से ख़तम करता है और हमे सर्दी जुखाम जैसे लक्षणों से बचाने में सक्षम है| 

हाथ के सफाई में सबसे अच्छा कौन – साबुन या सैनिटाइजर

जैसे कि हाथों को धोने के लिए हम साबुन और सैनिटाइजर दोनों का इस्तेमाल करते है क्यूंकि दोनों ही हमारे हाथो से कीटाणुओं को मारते है परन्तु जब से भारत में कोरोना वायरस फैला है तब से सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने पर हर न्यूज़ चैनल और अखबारों में बोला जा रहा है| और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के और भी बहुत से कारण है जो हम आपको इस पोस्ट के जरिये बताएगे| 

अगर हम हाथो को साबुन से साफ़ करते है तो सबसे पहले हमे पानी की जरुरत पड़ती है और कम से कम 20 सेकण्ड्स तक साबुन लगाने से घर्षण होता है| साबुन लगाने से कीटाणु तो मर जाते है परन्तु अगर यही हम सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते है तो सबसे पहले तो हमे पानी की जरुरत नहीं पड़ती क्यूंकि सैनिटाइजर में अलकोहल मौजूद होता है जिसकी वजह से हाथो में लगे कीटाणुओं को मार देता है| अगर हाथो पर पहले से है कोई रंग, मेहंदी या किसी भी प्रकार का केमिकल लगा हुआ तो सैनिटाइजर उतना ज्यादा असरदार नहीं होता| 

क्या सैनिटाइजर से कीटाणु मर सकते है?

(Centers for Disease Control and Prevention) CDC Trusted स्रोत के मुताबिक, हैंड सैनिटाइज़र में अलकोहल की बहुत ज्यादा होती है | इसलिए सैनिटाइज़र आपके हाथों पर कीटाणुओं  की संख्या का बहुत जल्द खात्मा करता है | जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस के कीटाणुओं को मारने के लिए किया जा रहा है |

क्या सैनिटाइजर संक्रमण से रक्षा करता है?

इसका इस्तेमाल होने के बाद निरीक्षण से अनुमान लगाया गया है कि अगर सैनिटाइजर का इस्तेमाल एक दिन में 4-5 बार किया जाता है तो सर्दी और जुकाम का संक्रमण फैलना साबुन का इस्तेमाल करने वालों की तुलना में बहुत कम है| 

कौन सा सैनिटाइजर ज्यादा बेहतर है?

वैसे तो मार्केट में बहुत से सैनिटाइजर उपलब्ध है और हर कंपनी अपनी और से अच्छे सैनिटाइजर होने का दावा करती है लेकिन हमे कोनसा सैनिटाइजर खरीदना चाहिए हम इसको लेकर काफी उलझन में रहते है| तो इसका एक अच्छा solutions यह है कि सैनिटाइजर लेने से पहले देखना जरूरी है कि उसमें एक्लोहॉल की मात्रा 60 फीसदी से ज्यादा हो| तभी सैनिटाइजर कोरोना वायरस के कीटाणुओं को मारने में सक्षम होगा| 

बाकी 40 फीसदी सैनिटाइजर में क्या होता है?

जैसे की सैनिटाइजर में 60 प्रतिशत अलकोहल होता है और बाकि बचा 40 प्रतिशत रंग, परफ्यूम, गाड़ा करने वाले तत्व और moisturizer मिले होते है क्यंकि अलकोहल हाथो में मौजूद नमी को सोख लेता है| इसिलए इसमें moisturizer को मिलाया जाता है ताकि हाथो को मुलायम रखा जा सके|

क्या अल्कोहल मुक्त सैनिटाइजर भी होते है?

मार्केट में अल्कोहल मुकत सैनिटाइजर भी मिल जाते है क्योंकि कुछ कंपनियां अल्कोहल मुक्त सैनिटाइजर बना रही है और वह दावा भी करती है कि अल्कोहल मुक्त सैनिटाइजर काफी असरदार होता है| लेकिन यह अभी तक किसी भी शोधकर्ता द्वारा प्रमाणित नहीं करा गया| ऐसे में अच्छा होगा की आप अल्कोहल वाला सैनिटाइजर का ही इस्तेमाल करे| क्योंकि अलकोहल मुक्त सैनिटाइजर में कपोनिया दूसरे केमिकल या ग्रीन टी का इस्तेमाल करती है जो इतना प्रभावी नहीं है| 

Hand सैनिटाइजर का इस्तेमाल (Use) कैसे किया जाता है?

हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बहुत आसान है| सैनिटाइजर को अपने हाथो में रखे और दोनों हाथो को आपस में मले उसके बाद नाखुनो में लगे हुए सैनिटाइजर को मले| सैनिटाइजर का इस्तेमाल तब तक करे जब तक हाथ सूख न जाये| अगर आपके हाथो पर पहले से कोई तेल या चिकनी चीज़ लहगी हुई है तो पहले हाथो को साबुन से धोये फिर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें| सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए पानी की जरुरत नहीं पड़ती क्यंकि सैनिटाइजर 30 सेकण्ड्स में हाथो से निकल जाता है| 

सैनिटाइजर से हाथ धोने का सही तरीका क्या है ?

आपको सैनिटाइजर को अपने हाथों पर रगड़ना है, जब तक हाथ सूखे हुए महसूस ना हो | तब तक हाथों को रगड़ते रहें क्योंकि हैंड सैनिटाइजर को कीटाणुओं को मारने में कम से कम 60 सेकंड या फिर इससे अधिक समय भी लग जाता है|

सैनिटाइजर करते समय ध्यान रखने वाली बातें कौन कौन सी है?

  • सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद आपको किसी भी प्रकार की खाध पदार्थ का सेवन नहीं करना है क्योंकि सेवन करने से सैनिटाइजर आपके पेट में चला जाएगा जिस से आपको Food Poisoning हो सकती है| 
  • सैनिटाइजर इस्तेमाल करने के बाद कभी भी रसोई या जवलनशील पदार्थ के पास नहीं जाना है क्यंकि सैनिटाइजर में मौजूद अलकोहल आग पकड़ता है| 
  • सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते समय हाथों को अच्छी तरह तब तक रगड़े जब तक हाथ सूख न जाये| 
  • खाना खाने से पहले अपने हाथ हमेशा साबुन से साफ़ करें न की सैनिटाइजर से| 
  • सैनिटाइजर खरीदते समय हमें ध्यान रखना चाहिए की उसमे नाम का मेथनॉल पदार्थ मौजूद नहीं होना चाहिए|  क्यूंकि यह शरीर में से immunity को कमजोर करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता की नुकसान पहुंचता है| 

सैनिटाइजर का इस्तेमाल कब कब करना चाहिए?

बढ़ते हुए कोरोना वायरस को देखते हुए डॉक्टरों ने सैनिटाइजर के इस्तेमाल के ऊपर काफी जोर दिया है और बोला भी है कि सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहना है अब आप में से काफी लोगों को मालूम नहीं होगा कि कब कब सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए और कितनी बार करना चाहिए| चलो हम आपको बताते है| 

बाहर निकलने से पहले हाथों को सैनिटाइज जरूर करें|

जब भी घर से बाहर निकले चाहे आप बाजार या फिर डॉक्टर के पास या फिर किसी और काम के लिए बाहर जा रहे है तो अपने हाथो को सैनिटाइज करते रहना चाहिए| क्योंकि सैनिटाइज करने से ही हम वायरस से बच सकते है| और हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हैंड सैनिटाइज करना ही वायरस को फैलने से रोकने का एक सबसे अच्छा तरीका है| 

सैनिटाइजर लगे हाथों से खाना सुरक्षित (Safe) या खतरनाक?

सैनिटाइजर में हम जानते है की अलकोहल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है| इसी लिए यह कीटाणुओं को मरने में भी सक्षम होता है| सैनिटाइजर में अलकोहल होने की वजह से इसका असर हमारे दिल, किडनी और लिवर पर पड़ता है|

सैनिटाइजर बनाने का तरीका क्या है ?

सैनिटाइजर बनाने  के लिए आइसोप्रोपिल या रबिंग अल्कोहल जिसमे अल्कोहल की मात्रा 99 प्रतिशत हो, एलोवेरा जेल और तेल, जैसे कि लैवेंडर का तेल, चाय के पेड़ का तेल या नींबू के रस का इस्तेमाल करके आप सांइटिज़ेर बना सकते है |

सैनिटाइजर बनाने की विधि

सैनिटाइजर बनाने के लिए सबसे पहले अल्कोहल और एलोवेरा जेल का मिश्रण बनाये और इस मिश्रण का अनुपात 2:1 रखें। इसमें अल्कोहल की मात्रा लगभग 60 प्रतिशत होनी चाहिए। तभी यह कीटाणुओं को मारने में सक्षम होगा| 

घर पर सैनिटाइजर कैसे बनाये ?

अगर आपको घर पर सैनिटाइजर बनाना है तो आप ऊपर दी गयी 3 चीजों का इस्तेमाल करना होगा| उन चीजों को एक काच के ग्लास में डाले और उसमे 2 भाग अल्कोहल के साथ एक भाग एलोबेरा जेल डालकर मिलाना है और फिर इसमें अलकोहल की गंध को ख़तम करने के लिए इसमें खुशबु वाला कोई भी तेल डालना है और इस सारी सामग्री को अच्छे के मिलाना है| फिर आपका हैंड सैनिटाइजर त्यार हो जाएगा| फिर अंत में इसे आपको किसी बोतल या और Container में डालकर इस्तेमाल करना है| 

हैंड सैनिटाइजर कब Most Effective होता है?

हैंड सैनिटाइजर केवल उस समय इस्तेमाल करना सही नहीं होता जब आपके हाथो में कोई तेल या चिकनाहट वाला कुछ लगा है| कुछ अध्याहनो से पता चला है कि सैनिटाइजर मेडिकल कार्य या laboratory में ज्यादा काम आता है क्यंकि वहां हाथ हमेशा कीटाणुओं के संपर्क में आते है| 

सैनिटाइजर के फायदे क्या है?

  • सैनिटाइजर का सबसे बड़ा फायदा यह है किहमे संक्रमण से बचाता है| 
  • इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि हमारे हाथो से कीटाणु और बैक्टीरिआ को मार देता है और यह 10 सेकण्ड्स में ही हाथ से उड़ भी जाता है | 
  • हमें इंफेक्शन होने के चांस बहुत कम हो जाते है।

अलकोहल के अलावा इस्तेमाल होने वाले सांइटिज़ेर कौन कौन से है? 

मार्केट में आपको अल्कोहल के जगह दूसरे रसायन युक्त सैनिटाइजर भी मिल जाएंगे जिनमे मेथनॉल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है परंतु हमें ऐसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हमें नुकसान पहुंचा सकते है| 

मेथनॉल टॉक्सिसिटी के क्या लक्षण होते है?

मेथनॉल टॉक्सिसिटी की वजह से आपको चक्कर आना, जी मिचलाना, चेतना की हानि, थकान एवं कमजोरी का होना और आँखों से धुंधला दिखना जैसी समस्या आ सकती है| अगर इसका इस्तेमाल किया जाए तो इंसान अंधा हो सकता है और जान भी जा सकती है| 

मेथेनॉल युक्त सैनिटाइजर  इस्तेमाल करने से यह आपकी त्वचा को शुष्क कर देता है जिसकी वजह से आपकी त्वचा में सूजन भी हो सकती है फिर चाहे आप इसे त्वचा पर लगा रहे है या फिर सांस के जरिए ले रहे है आपके लिए खतरा एक समान ही रहता है| और इस प्रकार के सैनिटाइजर को गर्भवती महिलाओं और बच्चों से दूर रखना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए काफी हानिकारक है| 

इसके अलावा यह बहुत जल्दी आग पकड़ता है क्योंकि यह बहुत ज्वलनशील है| यदि आप हमारे द्वारा बताये गए इन लक्षणों में से किसी भी प्रकार का लक्षण महसूस करते है या फिर आपको संदेह है तो आपको जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह आपके लिए काफी हानिकारक हो सकता है|

अधिक मेथनॉल की मात्रा वाले नौ सैनिटाइजर|   

  • ऑल-क्लीन हैंड सैनिटाइजर
  • Esk बायोकेम हैंड सैनिटाइजर
  • क्लीन क्लियर नो जर्म एडवांस हैंड सैनिटाइजर 75% अल्कोहल
  • लवर 70 जेल हैंड सैनिटाइजर
  • द गुड जेल एंटीबैक्टीरियल जोल हैंड सैनिटाइजर
  • क्लीन क्लियर नो जर्म एडवांस हैंड सैनिटाइजर 75% अल्कोहल
  • क्लीनक्लीयर नो जर्म एडवांस हैंड सैनिटाइजर 80% अल्कोहल ( Lot No- 74589-005-03)
  • क्लीनक्लीयर नो जर्म एडवांस हैंड सैनिटाइजर 80% अल्कोहल (Lot No- 74589-003-01)
  • Saniderm एडवांस हैंड सैनिटाइजर

बार-बार सैनिटाइजर से हाथ साफ करने के नुकसान

अगर हम बार बार दिन में सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते है तो उसके हमे नुकसान भी पहुँच सकते है जैसे की स्किन का शुष्क हो जाना या इसके अलावा भी हमे जो नुकसान पहुँचते है वह नीचे दिए गए है|

सैनिटाइजर शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को करता है किल

जैसे की हम जानते है की सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से यह हमारे हाथो में से कीटाणु और बैक्टेरिआ को ख़तम करता है| सैनिटाइजर शरीर में मौजूद Microbiomes नामक बैक्टीरिया को भी प्रभावित करता है। जो की हमारे शरीर के लिए बुरा होता है। मतलब यह हुआ कि सैनिटाइजर उन बैक्टीरिया को भी हमारे शरीर से ख़तम कर देता है जो हमारे लिए लाभदायक होते हैं। 

हैंड सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसन केमिकल होता है, जिसे हाथ की स्किन सोख लेती है। इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से यह केमिकल स्किन के जरिये रक्त में मिल जाता है जिस से आपकी मांसपेशियों के ऑर्डिनेशन को काफी नुकसान पहुंचाता है।

हैंड सैनिटाइजर में बेंजालकोनियम क्लोराइड होता है, जो त्वचा के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं होता है। इससे त्वचा में खुजली और जलन की समस्याएं हो सकती हैं।

सैनिटाइजर में फैथलेट्स नामक रसायन का इस्तेमाल खुशबू के लिए किया जाता है, इसकी मात्रा जिन सैनिटाइजर में ज़्यादा होती है वह सैनिटाइजर फेफड़े, किडनी, लीवर तथा प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।

सैनिटाइजर में अल्कोहल की मात्रा होने की वजह से ये नादान बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है क्यंकि वह बच्चों की इम्यूनिटी को घटाता है। और इसका बड़ा नुक्सान यह भी कि कही नादान बच्चे इसे निगल भी सकते है| 

इससे ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा ड्राई हो जाती है।

तो अब आप जान चुके है सैनिटाइजर क्या होता है और इसके क्या क्या फायदे और नुकसान है और इसे कब कब इस्तेमाल करना चाहिए| तो हम उम्मीद करते है कि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी काफी लाभदायक लगी होगी और हम यह भी उम्मीद करते है कि आप भी सैनिटाइजर सही ढंग से करेंगे|

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FAQ (Frequently Asked Questions)

हैंड सैनिटाइजर कितने प्रकार का होता है?

मार्किट में आपको 2 प्रकार के हैंड सैनिटाइजर मिल जायेंगे|

  • अल्कोहल युक्त
  • अल्कोहल रहित

दिन में कितनी बार Sanitizer से हाथ धोने चाहिए ?

दिन में 4-5 बार सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से आपके हाथो को साफ़ करने में मदद करता हैं और किये गए रिसर्च के अनुसार अगर साबुन के मुकाबले सैनिटाइजर का उपयोग किया जाए तो संक्रमण होने के चांस बहुत कम हो जाते है|

अच्छा सैनिटाइजर की पहचान कैसे करे?

जिस सैनिटाइजर में अलकोहल की मात्रा कम से कम 60 प्रतिशत हो वही सैनिटाइजर लेना चाहिए क्यंकि वह कीटाणुओं से लड़ने में सक्षम होता है|

क्या सैनिटाइजर से सच मे कीटाणु नष्ट हो जाते है?

वैज्ञानिकों का मानना है कि सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से सर्दी, जुकाम, और बुखार जैसे कीटाणु मर जाते है और इससे संक्रमित होने के chance भी कम हो जाते है|

सैनिटाइजर पीने से क्या होता है?

सैनिटाइजर पीने से इसमें मौजूद अल्कोहल हमारे शरीर में चला जाता है और जिससे हमे Food Poisoning हो सकती है|

हैंड सैनिटाइजर के नुकसान क्या क्या है?

सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से यह कीटाणुओं और बैक्टीरिया को मरता है जिस से यह हमारे शरीर के लिए अच्छे बैक्टीरिया को मारने का काम भी करता है| इसीलिए केवल जरूरत पड़ने पर ही हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए| सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल करने से खुजली और रेडनेस भी हो सकती है|

  • हमारे शरीर के गुड बैक्टीरिया को खत्म करता हैं|
  • हमें अल्कोहल पॉइजनिंग हो सकती है|
  • हमारी इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचाता है|
  • हमारे लीवर और किडनी को नुकसान हो सकता हैं|

हैंड सैनिटाइजर के लाभ क्या क्या है?

हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से यह हमारे शरीर में से कीटाणुओं को नष्ट करता है जिससे हमें सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है|

2 thoughts on “हैंड सैनिटाइजर क्या होता है | सैनिटाइजर के फायदे और नुकसान क्या है?”

  1. Kafi achi information hai sir.. Aaj kal ke pandemic time mai hum sab sanitizer ka itna upyog kar rhe han to yeh information hum sabhi ke kafi upyogi rhegi. Maine apke or bhi blogs pdhe hn sabhi bhut he knowledgeable hn. Thank you so much.

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