Storage Device क्या है और कितने प्रकार के है?

दोस्तों क्या आप भी जानना चाहते हैं कि Storage Devices क्या है? Storage Devices को हिंदी में क्या कहते हैं? Storage Devices कितने प्रकार की होती है| ऐसे बहुत से लोग होंगे जिनको Storage Devices के बारे में मालूम होगा| अगर आप Computer Science Stream से है तो आपको स्टोरेज डिवाइस के बारे में काफी अच्छी जानकारी होगी| परंतु अगर आपको स्टोरेज डिवाइस के बारे में मालूम नहीं है तो हमारे इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि Storage Devices क्या होती है।

Storage Devices Kya Hai ? स्टोरेज डिवाइस क्या होती है?

Storage device एक तरह का hardware device है| स्टोरेज डिवाइस को Digital Storage भी कहा जाता है। जिसका काम सिस्टम में डाटा और इंफॉर्मेशन को save करके रखना होता है| यह डाटा को temporary या permanent save करके रख सकती है| यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस डाटा या इंफॉर्मेशन को अपने सिस्टम में कितने समय के लिए सेव करके रखना चाहते हैं। स्टोरेज डिवाइस में किसी भी प्रकार के डाटा इनफार्मेशन, Document, Photograph, Audio, Video, Software Program को सेव करके रख सकते हैं ताकि उनका भविष्य में इस्तेमाल किया जा सके|

Types of Storage Devices (स्टोरेज डिवाइस के प्रकार)

कंप्यूटर में 4 तरह के स्टोरेज डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है| 

  • Primary Storage Device
  • Secondary Storage Device
  • Tertiary Storage Devices
  • Off-Line Storage Devices

1. Primary Storage Device

Computer में temporary तौर पर डाटा को सेव करने के लिए प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है| यह डिवाइस CPU के अंदर ही इस्तेमाल किया जाता है। प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस कंप्यूटर में उस समय हो रहे कार्य को और डाटा को सेव करके रखता है। इसके अलावा प्राइमरी स्टोरेज में जो डाटा सेव होता है| उसे CPU के द्वारा निर्देशों के अनुसार उपयोग किया जाता है। प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस के भी अलग-अलग प्रकार होते हैं।

ROM – Read Only Memory

  • PROM (Programmable ROM)
  • EPROM (Erasable Programmable ROM)
  • EEPROM (Electrically Erasable Programmable ROM)
  • EEPROM (Electrically Erasable Programmable ROM)
  • Cache memory

ROM

ROM को (Read Only Memory) कहा जाता है| ROM एक Silicon Chip होती है जो कि motherboard के ऊपर लगी होती है। इसमें मौजूद डाटा को सिर्फ read किया जा सकता है| इसमें डाटा में कोई भी changes या इस डाटा को delete नहीं किया जा सकता| यह एक Non-volatile मेमोरी होती है| जिसमें डेटा को कुछ समय के लिए सेव किया जा सकता है| जैसे ही कंप्यूटर को ON किया जाता है तो ROM में मौजूद डाटा active हो जाता है और जैसे ही सिस्टम को बंद किया जाता है तो उसमें मौजूद डाटा inactive हो जाता है। 

PROM

PROM को Programmable Read Only Memory कहा जाता है| स मेमोरी में यूजर के द्वारा एक बार दिए गए निर्देश और burn करने के बाद उस में किसी भी प्रकार के changes नहीं किए जा सकते हैं क्योंकि उसके बाद है ROM की तरह ही काम करती है।

E-PROM

E-PROM को Erasable read only memory कहा जाता है। यह एक तरह की permanent मेमोरी होती है| लेकिन E-PROM मेमोरी में डाटा को burn करने की  प्रक्रिया पराबैंगनी किरणों की मदद से की जाती है।

E-E-PROM

E-E-PROM मेमोरी को Dual PROM या Electrical Erasable read only memory कहा जाता है| इस मेमोरी में भी डाटा permanent सेव रहता है| परंतु इस मेमोरी में डाटा को burn करने की प्रक्रिया इलेक्ट्रिकल पल्स की मदद से की जाती है।

Cache Memory

Cache Memory, CPU और मुख्य मेमोरी के बीच का भाग होता है जिसका इस्तेमाल बार-बार उपयोग किए जाने वाले डाटा को सेव करके रखने के लिए किया जाता है। इस मेमोरी का उपयोग इस लिए किया जाता है ताकि main memory से डाटा को process करने में लगने वाले समय को कम किया जा सके| यह main memory की तुलना में महंगी, तीव्र और size में भी छोटी होती है।

2. RAM – Random Access Memory

  • Dynamic RAM (DRAM)
  • Static RAM (SRAM)
  • Rambus Dynamic RAM (RDRAM)

RAM

RAM को Random Access Memory कहा जाता है| इस मेमोरी का उपयोग कंप्यूटर में सबसे ज्यादा किया जाता है| यह एक Volatile मेमोरी होती है इसका मतलब यह है कि अगर लाइट बंद हो जाए तो इस मेमोरी में मौजूद डाटा अपने आप डिलीट हो जाता है।

DRAM

DRAM को Dynamic RAM भी कहा जाता है। इसमें मौजूद डाटा को बार-बार refresh करना पड़ता है। यह बहुत ही धीमी गति से काम करती है और यह रैम Static RAM की तुलना में काफी ज्यादा सस्ती होती है।

SRAM

राम को Static RAM भी कहा जाता है| यह RAM, Dynamic RAM की तुलना में काफी फास्ट होती है और इसमें मौजूद डाटा को भी बार-बार refresh करने की जरूरत नहीं होती है।

RDRAM

RAM को Rambus Dynamic RAM कहा जाता है यह भी RAM का ही एक प्रकार होता है।

3. Tertiary Storage Devices

Tertiary Storage Devices में रोबोटिक फंक्शन का उपयोग किया जाता है। यह डिवाइस रोबोटिक मेकनिज्म का इस्तेमाल करता है जो कि removable mass storage media को mount या dismount करती है| इस डिवाइस को काम करने के लिए इंसान के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ती है| ऑटोमेटिक ही अपना काम करती रहती है। यह एक comprehensive computer storage system है जो कि बहुत धीमा होता है| इसलिए इसका इस्तेमाल सिर्फ डाटा को archive करने के लिए किया जाता है।

Example

  • Magnetic Tape
  • optical Disc

4. Off- Line Storage Devices

Off-line Storage Devices को disconnected storage कहा जाता है। यह एक ऐसी कंप्यूटर स्टोरेज डिवाइस होती है जो कि processing unit के कंट्रोल में नहीं होती है। इसे access करने के लिए किसी इंसान के द्वारा ही कनेक्ट किया जाता है ताकि इससे पहले इसे कोई कंप्यूटर access करें।

Example

  • Floppy Disk
  • Zip diskette
  • USB Flash drive
  • Memory card

सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस (Secondary Storage Device Of Computer) द्वितीयक मेमोरी | सहायक मेमोरी|

Secondary storage device को सहायक मेमोरी, द्वितीयक मेमोरी और बेकिंग storage मेमोरी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस मेमोरी में डाटा को permanent तौर पर save करके रखा जाता है ताकि भविष्य में अगर उसकी जरूरत पड़े तो उसका इस्तेमाल किया जा सके। इस मेमोरी का size काफी बड़ा होता है| जिसमें हम काफी ज्यादा डाटा को सेव करके रख सकते हैंl इस memory में उस डाटा को सेव करके रखा जाता है जिसकी भविष्य में जरूरत होती है ना कि उस समय पर जरूरत होती है और समय आने पर उसका उपयोग भी किया जाता है। सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस काफी तरह के होते हैं जो कि इस प्रकार है:-

  • HDD (Hard disk drives)
  • SSDs (Solid-state drives)
  • CD-ROM drives
  • DVD drives
  • Magnetic Tape
  • Floppy Disk
  • Pen Drive
  • Flash Memory
  • SD cards

HDD – Hard Disk Drives

Hard Disk Drives, CPU के अंदर मौजूद होती है| इस मेमोरी में काफी ज्यादा डाटा को सेव करने की क्षमता होती है और यह मेमोरी काफी ज्यादा फास्ट भी होती है। कंप्यूटर में आमतौर पर इस मेमोरी को C-Drive के नाम से भी जाना जाता है| यह वही मेमोरी है जिसमें हम अपने कंप्यूटर में मौजूद software को install कर के रखते हैं।

SSD – Solid State Drive

यह मेमोरी भी HDD की तरह डाटा को स्टोर करके रखने वाली storage device technology है| यह storage डिवाइस की latest टेक्नोलॉजी है| जिसका इस्तेमाल लैपटॉप, डेस्कटॉप और notebook में किया जाता है। यह कम power consumption में ज्यादा तीव्रता वाली performance देती है। यह HDD की तुलना में काफी ज्यादा महंगी होती है और इसमें डाटा को तेजी से Read/Write करने की क्षमता होती है।

CD-ROM Drives

CD ROM के बारे में तो आप लोगों ने सुना ही होगा| अगर आपके पास भी कंप्यूटर है तो आप CD-ROM के बारे में जानते ही होंगे| CD-ROM को ऑप्टिकल डिस्क भी कहा जाता है| CD-ROM का फुल फॉर्म Compact Disc Read Only Memory होता है| इसे कंप्यूटर सिस्टम में अलग से लगाया जाता है| यह बात तो आप जानते ही हैं कि CD-ROM में मौजूद डाटा को मिटाया नहीं जा सकता है। सीडी में मौजूद आटा को Read करने के लिए कम तीव्रता वाली लेजर बीम का इस्तेमाल किया जाता है। सीडी को write करने के लिए CD Writer और CD से डाटा प्राप्त करने के लिए CD Drive का इस्तेमाल किया जाता है।

CD-R/W

इसका मतलब compact disc rewritable होता है| यह एक ऑप्टिकल डिस्क है| इस डिस्क में मौजूद डाटा को change किया जा सकता है और उसे डिलीट भी किया जा सकता है| इस प्रकार की CD का इस्तेमाल करने के लिए CD-R/W Drive का इस्तेमाल किया जाता है।

DVD Drive

DVD drive को digital versatile disc या digital video disc भी कहा जाता है| DVD की मेमोरी साइज में CD की मेमोरी से ज्यादा होती है| यह CD ROM की तरह ही काम करता है| DVD Drive का मुख्य काम फिल्म और अन्य मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों को डिजिटल रूम में present करने के लिए किया जाता है।

Magnetic Tape

यह एक बैंकिंग स्टोरेज माध्यम है| Magnetic Tape पॉलिस्टर का बना होता है| जिसमें इसे एक रील से लपेटा जाता है| Magnetic Tape का इस्तेमाल गाना रिकॉर्डिंग या संग्रह के लिए उपयोग की जाने वाली कैसेट के सिद्धांत पर कार्य करता है। Magnetic Tape को बार-बार मिटाया और change किया जा सकता है। Magnetic Tape को इस्तेमाल करने के लिए Magnetic Tape Drive की जरूरत पड़ती है।

Floppy Disk

Floppy Disk अलग-अलग आकार में पाई जाती है| Floppy Disk का इस्तेमाल Direct Access माध्यम के रूप में किया जाता है। Floppy Disk के लिए प्लास्टिक बॉक्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि धुल या खरोच से बचाया जा सके।

Pen Drive

यह छोटे आकार का और आसानी से इस्तेमाल किया जाने वाला डिवाइस है| इस डिवाइस को USB यानी universal serial bus कहते है| USB device को आसानी से इस्तेमाल किया जाता है और बहुत ही आसानी से डाटा को इकट्ठा किया जा सकता है और Pen Drive से कंप्यूटर में भी डाटा को आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है| Pen Drive का इस्तेमाल करने के लिए कंप्यूटर में USB Port का होना बहुत जरूरी है।

Flash Memory

Flash Memory को Flash RAM भी कहा जाता है। Flash Memory का इस्तेमाल Digital Camera, Cellular Phone, Digital Setup Box में किया जाता है। इस मेमोरी में डाटा को आसानी से मिटाया और change भी किया जा सकता है।

SD Card

यह बहुत ही छोटे साइज का डिवाइस होता है| इसमें डाटा को आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है| इसको इस्तेमाल करना भी बहुत ही ज्यादा आसान है| इसको इस्तेमाल करने के लिए कार्ड रीडर यूएसबी फोटो डाटा केबल का होना बहुत जरूरी है| इसका इस्तेमाल मोबाइल कैमरा वीडियो रिकॉर्डिंग कामों में किया जाता है।

Storage Device का उदाहरण (Example of Storage Device in Hindi)

Magnetic Storage Device

Magnetic Storage Device को कंप्यूटर के साथ अलग से जोड़ा जाता है| उसके बाद Magnetic Field उत्पन्न होता है। Magnetic Storage Device में बहुत बड़ी अमाउंट में डाटा को स्टोर किया जा सकता है| इसके अलावा स्टोरेज डिवाइस काफी सस्ता भी होता है| यही वजह है कि आज के समय में Magnetic Storage Device का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जा रहा है। Magnetic Storage Device के निम्नलिखित उदाहरण है:-

  • Floppy Disk Drive
  • Hard Disk Drive
  • Magnetic Card
  • Super Disk
  • Tape Cassette
  • Zip Drive

Optical Storage Device

Optical Storage Device में Data को Store और Detect किया जाता है। यह प्रक्रिया लेजर लाइट की मदद से की जाती है| इसीलिए इसे ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस कहा जाता है। ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस में USB Drive से भी अधिक डाटा स्टोर हो जाता है और यह USB Drive से सस्ता भी होता है। ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस के निम्नलिखित उदाहरण है:-

  • Blu Ray Disk
  • CD ROM Disk
  • CD-R and CD-RW Disk

Flash Memory Device

Flash Memory Device, portable device होता है| जिसकी वजह से इन्हें कहीं भी कभी भी उपलब्ध करवाया जा सकता है| यही वजह है कि Magnetic Storage Device और Optical Storage Device की जगह Flash Memory Device का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है। Flash Memory Device के निम्नलिखित उदाहरण है:-

  • USB Flash Drive
  • Memory Card
  • Compact Flash
  • Multimedia Card
  • Sony Memory Stick
  • Smart Media Card
  • XD Picture Card
  • SD Card
  • SSD
  • NVMe

Paper Storage Device

Paper Storage Device का इस्तेमाल पहले के समय में हुआ करता था क्योंकि उस समय डाटा और इंफॉर्मेशन को स्टोर करने के लिए  Storage Device उपलब्ध नहीं हुआ करते थे| तब सिर्फ Paper Storage Device का इस्तेमाल ही किया जाता था| पेपर स्टोरेज डिवाइस के उदाहरण निम्नलिखित है:-

  • OMR
  • Punch Card

Cloud Storage Device

एक समय हुआ करता था जब डाटा और इंफॉर्मेशन को store करने के लिए सिर्फ Paper Storage Device का इस्तेमाल ही किया जाता था परंतु जैसे-जैसे स्टोरेज डिवाइस का विकास हो रहा है वैसे वैसे data और information को store करने के लिए techniques का भी विकास हो रहा है| आज के समय में आप अपने डाटा को बिना किसी डिवाइस के ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं| जिसे हम Cloud Storage Device कहते हैं| इस डिवाइस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपने डाटा को कहीं भी, किसी भी जगह पर access कर सकते हैं| इसके लिए आपको username और password की जरूरत पड़ती है| उसके बाद ही आप डाटा को access कर सकते हैं।

कंप्‍यूटर मेमोरी की यूनिट (Computer Memory Units in Hindi)

अगर हम कंप्यूटर मेमोरी यूनिट की बात करें तो हम आपको बताना चाहेंगे कि कंप्यूटर 0 और 1 की भाषा पर ही काम करता है| यानी कि कंप्यूटर Binary Digit पर ही काम करता है| कंप्यूटर के लिए इस्तेमाल की जाने वालीmachine language को Binary Code कहा जाता है| जिसकी शुरुआत के 8 Bits या 8 Digits (जैसे- 10101001) से होती है और ये 8 Bits का group 1 Byte कहलाता हैं। अब हम आपको बताएंगे कि कितने Byte का 1 MB होता है और कितने MB का 1GB होता है| इसके अलावा और भी यूनिट्स है जो कि इस प्रकार है:-

1 BitSingle Digit 0 or 1
1 Nibble4 Bits
1 Byte8 Bits
1 KB (Kilobyte)1024 Bytes
1 MB (Megabyte)1024 KB
1 GB (Gigabyte)1,024 MB
1 TB (Terabyte)1,024 GB
1 PB (Petabyte)1,024 TB
1 EB (Exabyte)1,024 PB
1 ZB (Zetta byte)1,024 EB
1 YB (Yotta Byte)1,024 ZB
1 Bronto Byte1,024 YB
1 Geop Byte1,024 Bronto Byte

Conclusion

अब आप जान चुके हैं कि Storage Device क्या है, Storage Device के प्रकार, Storage Device के उदाहरण क्या है, इसके अलावा हमने आपके साथ Cloud Storage, Computer, Flash Drive, USB Thumb Drive इन सब के बारे में जानकारी शेयर करी है| उम्मीद करते हैं कि Storage Device से संबंधित आप के जितने भी प्रश्न थे आपको उनके सही जवाब मिल गए होंगे। अगर हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी से संबंधित आपको कोई भी डाउट हो या आप हमें कोई राय देना चाहते हैं तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

ये भी पढ़े:

Android Oreo क्या है?

नेटवर्क क्या है और नेटवर्क कितने प्रकार के होते है?

SMPS क्या है और कैसे काम करता है?

Free में Android App कैसे बनाये?

FAQ (Frequently Asked Questions)

Cloud Storage क्या होता है?

Cloud Storage का मतलब यह होता है कि आप अपने डाटा यानी कि किसी भी Image, Document या file को अपने खुद के सिस्टम की मेमोरी में save करने की जगह किसी दूसरी जगह सर्वर पर store करके रखते हैं और जिसे आप ऑनलाइन कहीं से भी access कर सकते हैं उसे Cloud Storage कहा जाता है।

Secondary Storage Devices के कुछ उदाहरण क्या हैं?

Secondary Storage Devices के उदाहरण हैं SSD, Hard Disk, Optical Disk, Memory Card, Floppy Disk, Pen Drive etc

1 thought on “Storage Device क्या है और कितने प्रकार के है?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top