ताऊते चक्रवात (तूफ़ान) क्या है | Tauktae Cyclone Kya Hota Hai in Hindi | इसका नाम ताऊते चक्रवात क्यों रखा गया?

ताऊते चक्रवात (तूफ़ान) क्या है

दोस्तों क्या आप जानते है कि ताऊते चक्रवात क्या है? क्या आप ने इसके बारे में पहले सुना है? आज हम आपको एक ऐसे तूफान के बारे में बताने जा रहे है जो आज कल भारत देश में काफी तबाही मचा रहा है उस तूफ़ान का नाम है ताऊते चक्रवात| दोस्तों जैसे कि हम सभी जानते है कि आज कल देश में पहले ही कोरोना वायरस काफी तेजी से बढ़ रहा है और उसी समय एक नई मुसीबत ताऊते चक्रवात के रूप में देश में आ गई है|

ताऊते चक्रवात तूफ़ान है जो भारत देश में आया है और यह तूफ़ान अरब सागर से उठा है|  पिछले 4 सालो से अरब सागर तूफानों का केंद्र बना हुआ है| इस समय ताऊते चक्रवात भारत के कई राज्यों में तबाही मचाना शुरू कर चूका है और इस तबाही के पीछे क्या कारण हो सकते है और इस से हमे कितना नुक्सान पहुँच सकता है यह सारी जानकारी हम आपको अपने इस पोस्ट के जरिये बतायेगे| 

ताऊते चक्रवात क्या है?

अब आप सोच रहे होंगे कि इस तूफ़ान का नाम ताउते क्यों रखा गया है| असल में यह नाम भारत देश की और से नहीं दिया गया बल्कि यह नाम म्यानमार की तरफ से खोज करके दिया गया है क्यंकि यह तूफ़ान बिलकुल दबे पैरो आया है| जैसे छिपकली दबे पैर आती है और धीरे धीरे अपने दुश्मन के पास जाकर उसे पकड़ कर मार देती है हम आपको बताना चाहेंगे कि म्यानमार में छिपकली को ताउते कहते है इसलिए इस तूफ़ान का नाम भी ताउते रखा गया है| यह एक बर्मी भाषा का शब्द है|  क्यंकि यह तूफ़ान भी ठीक उसी तरह दबे पैर आया है| 

यह तूफ़ान भी धीरे धीरे भारत के राज्यों में दाखिल हो रहा है जो कि खासकर उन राज्यों में जो समुन्द्र के बिलकुल पास है और वहाँ इस तूफ़ान ने धीरे धीरे तबाही मचानी शुरू कर दी है| और उन राज्यों को धीरे धीरे नुक्सान पहुंचा कर बर्बाद कर रहा है| 

तूफ़ान का नाम क्यों रखा जाता है? क्या मददगार होता है चक्रवातों का नाम रखना?

तूफ़ान का नाम इसलिए रखा जाता है ताकि मौसम विभाग को इसको लेकर किसी भी प्रकार का कोई संदेह ना रहे| अगर कभी किसी भी देश में एक साथ दो या दो से ज्यादा चक्रवात एक साथ आ जाते है और तो अगर इनके नाम रखे होने की वजह से इनमे भ्रम नहीं रहता और इससे वैज्ञानिक समुदाय, विशेषज्ञों को भी काफी आसानी रहती है| इसलिए इन तूफानों का नाम रखते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इनके नाम एक तो बिलकुल छोटे हो और दूसरा समझने योग्य हो| और इनके नाम इसलिए भी रखे जाते है ताकि उन तूफानों से सम्बन्धित चेतावनियां जारी करने में मदद मिल सके और भविष्य में उन सभी चक्रवातों के बारे में बताने में भी आसानी हो सके| 

ताऊते तूफान कैसे बना है?

मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने इस तूफ़ान को काफी खतनाक बताया है| यह तूफ़ान अरब सागर (अरेबियन सी) में लगातार बढ़ते हुए तापमान की वजह से पैदा हुआ है| इस तापमान की वजह से समुन्द्र में कम प्रेशर वाले कुछ एरिया बन गए है और वहाँ बहुत कम प्रेशर होने की वजह से यह तूफ़ान निर्मित हुआ है| और यह कम प्रेशर अब लक्षद्वीप के ऊपर भी बन रहा है और ये तूफ़ान एक साइक्लोन के रूप में निर्मित हो रहा है और यह साइक्लोन समुंद्री एरिया में पहुँचते पहुँचते बहुत ही ज्यादा भयानक रूप ले लेता है जिस वजह से अब यह भारत की और बड़ी तेजी से बढ़ रहा है|

ताऊते तूफान कहां -कहां तक पहुंच चुका है?

यह तूफ़ान अभी तक भारत के कई राज्यों में पहुँच चूका है और वहां इस तूफ़ान ने तबाही मचानी शुरू भी कर दी है| अगर मौसम विभाग की माने तो यह तूफ़ान आने वाले 24-48 घंटो में और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है| अभी तक यह तूफ़ान जहां जहा तक पहुँच चूका है उन इलाको में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात शामिल है और इन सभी इलाको में बचाव दलों को तैनात भी कर दिया गया है| 

इसके अलावा इस तूफ़ान ने गोवा में भी काफी तबाही मचा दी है| वहां के लगभग 200 से भी अधिक घरो को बर्बाद कर चूका है और इस तूफ़ान ने वहां की सड़को को भी खंडर के समान बना दिया है| और वहाँ बिजली को भी काफी नुक्सान पहुंचा है| 

इस ताउते तूफ़ान ने अभी कर्नाटक में काफी भरी नुक्सान किया है वहाँ के लगभग 5 तालुको में यह तूफ़ान पहुँच चूका और वहां के 71 घरो, 271 बिजली के खंबो और लगभग 76 मछली पकड़ने वाली नावों को बर्बाद कर चूका है| और इस हादसे के दौरान एक व्यक्ति की मौत भी चुकी है| 

ताऊते तूफान की चपेट में कौन कौन से देश शामिल है?

अभी तक ताऊते तूफान की चपेट में 13 देशों के होने का अनुमान लगाया जा रहा है| इन देशों में शामिल है भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ओमान, मालदीव, म्यांमार, ईरान, श्रीलंका, कतर, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन का नाम शामिल है| 

ताऊते तूफान का पाथ क्या है (Tauktae Cyclone Path / Location)

मौसम विभाग ने इस तूफ़ान के प्रभाव को देखते हुए देश में राज्य सरकारों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है| और मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक यह तूफ़ान आने वाली 18 मई 2021 तक गुजरात के पोरबंदर और वेरावल तक पहुँच जायेगा और ऐसे में सबसे भारी नुक्सान गुजरात के पोरबंदर और नालिया तट पर होने की संभावना है| इसके अलावा इस तूफ़ान का खतरा केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव एवं दादरा-नगर हवेली पर भी मंडरा रहा है और यह तूफ़ान बड़ी तेजी से इस इलाको की और बढ़ रहा है| यह जानकारी मौसम विभाग द्वारा दी गयी है| और मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि यह तूफ़ान पोरबंदर से होते हुए पाकिस्तान की और चला जायेगा| 

ताऊते चक्रवात (तूफान) से कितना नुकसान हो सकता है?

ताऊते चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए देश में राज्य सरकारों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है| और मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक यह तूफ़ान आने वाली 18 मई 2021 तक गुजरात के पोरबंदर और वेरावल तक पहुँच जायेगा और ऐसे में सबसे भारी नुक्सान गुजरात के पोरबंदर और नालिया तट पर होने की संभावना है| इसके अलावा इस तूफ़ान का खतरा केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव एवं दादरा-नगर हवेली पर भी मंडरा रहा है और यह तूफ़ान बड़ी तेजी से इस इलाको की और बढ़ रहा है| यह जानकारी मौसम विभाग द्वारा दी गयी है| और मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि यह तूफ़ान पोरबंदर से होते हुए पाकिस्तान की और चला जायेगा| 

ताऊते तूफान सावधानियां

तूफ़ान के बढ़ते हुए प्रकोप को देखकर और राज्य सरकारों ने कुछ ख़ास सावधानिया बरतने के लिए कहा है| सरकार ने बिजली आपूर्ति और हस्पतालों में बिजली बैकअप पर ख़ास जोर डाला है ताकि वहाँ मौजूद कोरोना वायरस के मरीजों को कोई और नई दिक्कत का सामना ना करना पड़े | इसके अलावा महाराष्ट्र और कर्नाटक सरकार ने 16-19 मई 2021 तक हस्पतालों में सावधानी बरतने और बिजली आपूर्ति का ध्यान रखने के लिए आदेश जारी किये है| इसको देखते हुए राजस्थान सरकार ने भी इस दिशा में काफी निर्देश जारी कर दिए है| 

क्या ताऊते तूफान की वजह से मानसून आने में भी देरी हो सकती है?

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ताऊते तूफान या चक्रवात की वजह से मानसून आने में देरी हो सकती है लेकिन अभी तक विशेषज्ञों या मौसम विभाग की और से ऐसी कोई जानकारी नहीं आई है| मौसम विभाग का मानना है कि मानसून अपने निर्धारित समय पर ही आएगा| वही कुछ और विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे चक्रवात मानसून को अपने साथ ही लाते है| और उनका यह भी मानना है की अगर मानसून समय से पहले आ जाये और केरल के तट के साथ टकरा भी जाये तो इसमें आश्चर्य वाली कोई बात नहीं होगी|   

अब हमारा यह पोस्ट पढ़ने के बाद आप जान चुके होंगे कि ताऊते चक्रवात(तूफ़ान) क्या है और इसका यह नाम क्यू रखा गया है| आपको यह भी समझ आ गया होगा कि यह कितना खतरनाक है और इसके वजह से देश में कितना भरी नुक्सान हो सकता है| अगर आप भी ऊपर बताये गए किसी भी राज्य या शहर में रहते है तो आपको भी सतर्क रहने की जरूरत है और इस मुसीबत से लड़ने की जरुरत है| उम्मीद करते है कि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी से आपके सवालों के जवाब मिल गए होंगे|  

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