अगर 1 Rupee = 1 Dollar हुआ तो India में इसका क्या असर होगा?

दोस्तों क्या आप भी जानना चाहते हैं कि अगर 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हुआ तो इंडिया में इसका क्या असर हो सकता है| जैसे कि हम जानते हैं कि 1 Dollar की कीमत हमारे इंडियन एक रुपए से बहुत ज्यादा है| अगर आज के समय की बात करें तो आज के समय में 1 Dollar की कीमत लगभग 75 रुपए के बराबर है। ठीक उसी तरह बाहर के देश USA में भी 1 Dollar की कीमत उतनी ही होती है| परंतु फर्क इतना है कि हमारे भारतीय रुपए से हम एक रुपए से हम कुछ भी खरीद नहीं सकते हैं| परंतु USA में 1 Dollar से लोग अपने खाने-पीने की चीजें तक खरीद सकते हैं| 

यही फर्क है कि Indian Rupees और USA Dollar की कीमत इतनी ज्यादा ऊपर नीचे है। अगर मान लीजिए हमारे देश में एक रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाए तो हम भी एक रुपए से अपने देश में सामान खरीद सकेंगे| तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि अगर 1रूपया 1 Dollar के बराबर होगा तो इंडिया में इसका क्या असर होगा?

अगर भारत देश में एक रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाए तो भारत देश बहुत ही ज्यादा अमीर हो जाएगा| देश में से गरीबी मिट जाएगी, कोई भी भूखे पेट नहीं सोएगा और किसी के भी पास पैसे की कमी नहीं होगी| यह सुनने में भी बहुत अच्छा लग रहा है परंतु क्या वाक्य में ऐसा हो सकता है? क्या ऐसा संभव है कि 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हो जाए। जैसे सिक्के के 2 पहलू होते हैं ठीक उसी तरह इस सवाल के भी दो जवाब है| अगर भारतीय रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाए तो इस से भारत देश को फायदा भी होगा और नुकसान भी होगा तो चलिए पहले हम फायदों के बारे में बात कर लेते हैं।

1 Rupee = 1 Dollar होगा तो क्या फायेदा होगा?

  • सबसे पहला फायदा यह होगा कि हम भारत देश में अपनी रोजाना जिंदगी में इस्तेमाल होने वाला जो भी घरेलू सामान खरीदते हैं| वह समान हमें आज के दामों के मुकाबले में सस्ता मिलेगा क्योंकि यह सारा सामान बाहर के देशों से आता है| अगर वही 1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाए तो भारत सरकार को इस सामान को खरीदने के लिए कम पैसा देना पड़ेगा| जिसकी वजह से हमें भी यह सामान सस्ता मिलेगा। जिससे हमारे देश में महंगाई भी कम हो जाएगी।
  • हम Branded चीजें भी सस्ते दामों पर खरीद सकेंगे| उदाहरण के तौर पर अगर हम Iphone की बात करें तो Iphone USA में $600 की कीमत पर बिक रहा है| परंतु अगर वही भारतीय 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हो जाए तो भारत में भी Iphone सिर्फ 600 रुपये में खरीद सकेंगे। जिस हिसाब में भारत में Iphone का प्रचलन चला हुआ है फिर तो हमें लगता है कि हर किसी के हाथ में Iphone ही होगा।
  • इसके अलावा बाहर से import होने वाला और रोजाना जिंदगी में इस्तेमाल होने वाला petrol भी आजकल हमारे देश में बहुत ही ज्यादा महंगा हो चुका है|  अगर वही 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हो जाए तो पेट्रोल भी बाहर से सस्ते दामों पर import हो सकेगा और हमें भी पेट्रोल सस्ते दामों पर मिल सकेगा। 
  • अगर 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हो जाए तो हमें काफी ज्यादा फायदे होंगे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे देश में महंगाई खत्म हो जाएगी और सारी सुख सुविधाएं की चीजें हम कम दामों पर खरीद सकेंगे।

1 Rupee = 1 Dollar होगा तो क्या नुकसान होगा?

जिस तरह हमारा भारत देश बाहर के देशों से सामान खरीदना है ठीक उसी तरह बाहर के देश भी हमारे देश से सामान खरीदते हैं| अगर वही 1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाए तो बाहर के देशों को हमारे देश से समान महंगे दामों पर खरीदना पड़ेगा| जिससे उनको समान महंगा पड़ेगा तो यह भी हो सकता है कि फिर वह देश हमारे देश से सामान खरीदना बंद कर दें और किसी दूसरे देश से सामान खरीदना शुरू कर दे| इस तरह हमारे देश में exporting होना बंद हो जाएगा। 

अगर हम यह सोचे कि हम हमारे भारत देश को बाहर के देशों से सामान खरीदने की क्या जरूरत है? हम सवदेशी चीजों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं| हम अपने ही देश में चीजें बनाकर उनका इस्तेमाल कर सकते हैं| परंतु अगर हम ऐसा करते हैं तो उसमें भी हमारे भारत देश को नुकसान ही होगा क्योंकि अगर हम किसी दूसरे देश से जब समान नहीं खरीदेंगे तो कोई बाहर का देश हमारे देश से सम्मान क्यों खरीदेगा| अगर ऐसा हो गया तो हमारे देश की उन्नति नहीं होगी हम जहां पर है वहीं पर रह जाएंगे।

अगर 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हो जाए तो हमारे देश में Foreign investment होना बंद हो जाएगी क्योंकि Foreign Countries हमारे देश में काफी ज्यादा investment करते हैं| उसका कारण यह है कि उन्हें हमारे देश में labour cost बहुत ही कम पड़ती है और उन्हें सस्ते दामों पर काम करने वाले employee मिल जाते हैं| अगर हमारे देश में भी 1 रूपया 1 dollar की कीमत बराबर हो जाए तो उनके लिए हमारे देश में labour cost ज्यादा हो जाएगी और जिसका नतीजा यह निकलेगा कि वह लोग हमारे देश में invest करना बंद कर देंगे। 

हमारे देश में investment ज्यादातर IT और Service Sector में की जाती है| इस Foreign investment का हमारे देश की GDP में 60% का हिस्सा है और यह IT और Service Sector से आता है| हमारे देश की 27% लोगो को  employment भी इन्ही sector से मिलती है| अगर यह पूरी तरह से बंद हो जाएंगी तो Foreign Countries हमारी country में investment करना बंद कर देंगे।

उदाहरण के तौर पर हम इंजीनियर की ही बात कर लेते हैं हमारे देश में इंजीनियर की 1 महीने की सैलरी 75000 रुपये है| अगर उसके जितना होनहार इंजीनियर बाहर की country में जा कर वही काम करता है तो उसे महीने में $3000 दिया जाता है| अगर हमारे देश में 1 रुपए की कीमत 1 Dollar हो जाए तो अब जो बाहर की कंपनी हमारे देश में इंजीनियर को 75000 रुपये देकर काम करवा रही है उस समय अगर 1 रुपए की कीमत 1 Dollar हो जाये तो उसे हमारे देश में इंजीनियर से काम करवाने की कोई जरूरत नहीं होगी क्योंकि वह $3000 देकर अपने ही देश से इंजीनियर को अपनी ही कंपनी में रख सकता है| 

हमारे देश में घरों में काम करने के लिए कामवाली बाई को रखा जाता है जो कि महीने का 4000 रुपए लेती है| अगर हमारे देश में 1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाएगी तो लोग घरों में बाई रखने की बजाय मशीना रखना शुरु कर देंगे क्योंकि उस स्थिति में बाई को 1 महीने में $4000 देने पड़ेंगे जब कि घर में काम करने के लिए अगर मशीन लाई जाए तो वह भी ज्यादा से ज्यादा 1 Dollar000 की मिल जाएगी। अगर ऐसा होने लग गया तो लोगों को नौकरी मिलने बंद हो जाएगी और हमारे देश में बेरोजगारी बढ़ जाएगी।

Tourism में Reduction होना

अगर 1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो जाएगी तो भारत में Tourist आना बंद कर देंगे क्योंकि वह अब इसलिए आते हैं कि उन्हें हमारे देश में सब कुछ सस्ता मिलता है| अगर रु1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो गई तो उन्हें यह चीजें बहुत महंगी मिलेगी जिसकी वजह से वह हमारे देश में आना बंद कर देंगे| 

Taxes में कमी होगी

इससे हमारे देश में Tax में भी काफी ज्यादा कमी आ जाएगी क्योंकि Foreign companies अपने setup हमारे देश से बाहर ले जाएंगे और साथ ही वह अपनी investment भी वापस ले लेंगे| अगर देश में कोई production ही नहीं होगा तो सरकार के पास Tax भी नहीं आएगा| अगर सरकार के पास Tax नहीं आएगा तो सरकार के पास पैसा भी नहीं आएगा| अगर सरकार के पास पैसा ही नहीं होगा तो वह देश में Development के लिए पैसा कहां से लगाएगी।

अगर 1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हो गई तो सर्विस सेक्टर जो कि हमारे देश में 60% GDP में योगदान देता है और 27% लोगो को employment प्रदान करता है वह बिल्कुल बंद हो जाएगा| वहीं दूसरी तरफ कोई कंपनी एक employee को $70000 या 70000 रुपए महीने का क्यूँ देगी जबकि वह कंपनी एक $3000 या 3000 रुपए में भी employee रख सकती है| इस से लोग अपनी job से हाथ धो बैठेंगे और देश में बेरोजगारी बढ़ जाएगी| ऐसा होने से हमारे देश की economic slowdown हो जाएगी क्योंकि जब बाहर से हमारे देश में पैसा आएगा ही नहीं और साथ ही job कि Outsourcing भी भारत में पूरी तरह से बंद हो जाएगी तो भारत देश में भी economic slowdown हो जाएगी|

अगर 1 रूपया और 1 Dollar की कीमत बराबर हो जाएगी तो भारत में जो कंपनियां हैं, हो सकता है कि वह भारत से बाहर चली जाएगी क्योंकि उनको तब भारत में ज्यादा profit नहीं दिख रहा होगा ऐसी परिस्थिति एक बार पहले भी साल 2007-08 में आई थी जब 1 Dollar की कीमत सिर्फ 40 रुपए ही रह गई थी| तब import तो बहुत ही अच्छा हो रहा था| लेकिन उस समय BPO और IT Sectors को बहुत ही ज्यादा नुकसान हो रहा था।

1 Rupees = 1 Dollar को लेकर लोगों में क्या अंधविश्वास होता है?

लोगों का यह भी मानना है कि 1 Dollar की कीमत 75 रुपए के बराबर है तो इसका यह मतलब नहीं है कि USA की Economy हमारे देश की Economy से 75 गुना ज्यादा strong है। यहां पर समझने वाली बात यह है कि किसी भी देश की currency की value अगर ज्यादा है तो उसका यह मतलब नहीं होता कि उस देश की Economy बहुत ही ज्यादा strong है| 

उदाहरण के तौर पर हम Bangladesh की ही बात कर लेते हैं Bangladesh में एक BDT का मूल्य = 1.4 Yen के बराबर होता है। फिर तो बांग्लादेश की Economy Japan की Economy से strong होनी चाहिए परंतु यह तो बिल्कुल उलटा है। इसीलिए RBI Dollar और Rupee को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होती है क्योंकि Dollar की कीमत ऊपर नीचे होती रहती है| अगर यह कीमत बहुत ही ज्यादा ऊपर या नीचे हो जाए तब यह चिंता का विषय हो सकता है और यह हमारी Economy के लिए भी अच्छा नहीं होगा। 

वही हमें याद है कि साल 1947 में 1 Dollar की कीमत 1 रुपए के बराबर थी क्योंकि उस समय हमारे देश में productivity कम थी और USA में productivity ज्यादा थी। अगर हम सोचे कि भारतीय currency रातों रात बदल जाएगी तो यह मुमकिन नहीं है बल्कि हमें अपने देश है पर productivity और production को बढ़ाना होगा| यह बात तो हम सभी जानते हैं कि 1 रूपए = 1 Dollar किसी भी growing या developing country के लिए affordable नहीं है।

रुपये की ताकत

अगर हम साल 1952 की बात करें तो उस समय भारतीय रुपए की कीमत दुनिया के कई देशों की currency से ज्यादा ताकतवर थी और उस समय अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी indian currency को पहल दी जाती थी। उस समय ओमेन, कुवैत, कतर, बहरीन और मध्यपूर्व के अन्य देशों में भारतीय रुपया ऑफिशियल currency की तरह इस्तेमाल किया जाता था।

रुपये की कहानी

एक समय हुआ करता था जब एक रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर हुआ करती थी| साल 1947 में 1 रुपए की कीमत 1 Dollar के बराबर थी| परंतु जब 1951 में पहली बार पंचवर्षीय योजना लागू हुई तो सरकार ने लोन लेना शुरू कर दिया| तब से रुपए की कीमत में गिरावट आनी शुरू हो गई थी| 1975 में आते-आते 1 Dollar की कीमत 8 रुपए हो गई थी और 1985 तक यह कीमत 12 रुपए हो गई थी। 1951 में भारत उदारीकरण की राह पर चल पड़ा था और रुपए की कीमत लगातार गिरने लग गई थी और अगले 10 सालों में 1 Dollar की कीमत 47-48 रुपए हो गई थी।

रुपये की चाल कैसे तय होती है?

Currency expert S. Subramania का कहना है कि रुपए की कीमत उसकी demand और supply पर निर्भर करती है| देश में import और export का भी देश की currency पर असर पड़ता है। हर देश के पास उस देश की currency का भंडार होता है जिस देश से उसने लेनदेन करना होता है| विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से भी उस देश की currency की चाल तय होती है| अमरीकी Dollar को वैश्विक करेंसी का रूतबा हासिल है और ज़्यादातर देश import का bill Dollar में ही चुकाते हैं|

Conclusion

दोस्तों अब आप जान चुके हैं कि 1 रूपया 1 Dollar के बराबर हुआ तो इंडिया में इसका क्या असर हो सकता है|  1 Rupee = 1 Dollar होगा तो क्या फायेदा होगा? 1 Rupee = 1 Dollar होगा तो क्या नुकसान होगा? रुपये की कहानी क्या है? रुपये की ताकत क्या है? उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी आपके लिए काफी ज्यादा informative होगी। अगर आपको हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी से संबंधित कोई भी डाउट हो तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं|

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FAQ (Frequently Asked Questions)

1 Dollars in rupees in India 2022

हम जानते हैं कि dollars की कीमत कभी भी स्थिर नहीं रहती है| यह अक्सर ही कम या ज्यादा होती रहती है| अगर हम आज यानी कि April 2022 की बात करें तो इस समय 1 dollars की कीमत लगभग 76 रुपए के बराबर है|

1947 में Dollar की कीमत क्या थी?

1947 में Dollar की कीमत 1 रूपए के बराबर थी|

1 Dollar kitna Hota hai?

आज के समय यानी April 2022 में 1 dollar की कीमत लगभग 76 रूपए के आसपास है| 

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