कंप्यूटर क्या हैं | What is Computer in Hindi – विशेषताएं, परिभाषा, कार्य, प्रकार और उपयोग

दोस्तों क्या आप भी जानना चाहते हैं कि कंप्यूटर क्या है (what is a computer in hindi)? इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है और आज के समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादा क्यों किए जाने लगा है? सबसे पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि कंप्यूटर ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसकी मदद से आप Raw Data को input करके उसे process कर सकते हैं| इसके अलावा कंप्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं| 

जब हमने देखा कि लोग जानना चाहते हैं कि कंप्यूटर क्या है? तब हमने इस पर काफी ज्यादा रिसर्च करी और रिसर्च करने के बाद ही हम आपके साथ कंप्यूटर क्या है इसके बारे में जानकारी शेयर करने जा रहे हैं। 

कंप्यूटर का इस्तेमाल 20वी शताब्दी की शुरुआत से किया जाने लगा है परंतु साल 1980 में पर्सनल कंप्यूटर के आने से यह व्यापक हो गए। हम यह भी कह सकते हैं कि कंप्यूटर का इस्तेमाल डाटा को store करने, उसे process करने जैसे कामों के लिए भी किया जाता है| यही वजह है कि आज के समय में लगभग हर सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाने लगा है| चलिए दोस्तों अब हम जानते हैं कि कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं? कंप्यूटर के फीचर्स क्या है?

कंप्यूटर क्या है (What is Computer)

Computer शब्द की उत्पत्ति COMPUTE से हुई है जिसका मतलब होता है गणना करना| इस बात से हमें साफ पता चलता है कि कंप्यूटर एक ऐसा electronics device है जिसका संबंध किसी गणना करने वाले यंत्र से है| जब कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाना शुरू हुआ था तब इसका इस्तेमाल सिर्फ गणना करने के लिए ही किया जाता था| परंतु आज के समय में कंप्यूटर सिर्फ गणना करने वाली मशीन ही नहीं रह गई है बल्कि इसका इस्तेमाल storage, capacity, automation, speed, accuracy, readability जैसे काम करने के लिए भी किया जाता है| जिसकी वजह से कंप्यूटर लंबी से लंबी गणना को भी seconds में कर देता है। 

हम यह भी कह सकते हैं कि कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसकी मदद से user इसमें raw data को इनपुट करके उसको process करके result ले सकता है| यानी कि कंप्यूटर यूजर द्वारा दी गई इनपुट के मुताबिक ही काम करता है| कंप्यूटर का इस्तेमाल ईमेल भेजना, वीडियो गेम खेलना, वीडियो देखना, ब्राउज़ करना यहां तक कि वीडियो बनाने के लिए भी किया जाता है| आज के आधुनिक युग में कंप्यूटर का इस्तेमाल फिल्म निर्माण, ट्रैवल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर किया जाने लगा है| यहां तक कि कंप्यूटर का इस्तेमाल बैंकों में भी किया जाने लगा है ताकि उनके workload को कम किया जा सके और आसानी से उस काम को पूरा किया जा सके।

कंप्यूटर का अर्थ (Meaning of Computer in Hindi)

Computer शब्द Latin भाषा के शब्द COMPUTARE एवं अंग्रेजी भाषा के शब्द COMPUTE से मिलकर बना है| जिसका अर्थ होता है गणना यानी कि हम यह भी कह सकते हैं कि कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसका इस्तेमाल तेज गति से गणना करने के लिए भी किया जाता है।

कंप्यूटर का उपयोग

आज के समय में कंप्यूटर सिर्फ गणना करने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ही नहीं रह गया है| हर कोई कंप्यूटर का इस्तेमाल अपनी जरूरत के हिसाब से कर रहा है| पहले समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल सिर्फ गणना करने के लिए किया जाता था और जो गणना किसी समय नामुमकिन लगती थी वह कंप्यूटर की मदद से आज आसानी से की जा सकती है| 

परंतु आज के समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल हर क्षेत्र चाहे वह सरकारी या प्राइवेट कोई भी हो वहां किया जाने लग गया है| इससे काम आसानी से और बिना गलती किए होने लग गया है क्योंकि कंप्यूटर हमें बिल्कुल सटीक रिजल्ट देता है| कंप्यूटर गलती तब करता है जब हम कंप्यूटर में कोई गल डाटा इनपुट करते हैं| यही वजह है कि कंप्यूटर का इस्तेमाल हर प्रकार के बिजनेस, प्राइवेट और सरकारी sector में किया जाने लगा है।

Computer का Full Form

अगर हम कंप्यूटर के full form की बात करें तो इंग्लिश में कंप्यूटर का फुल फॉर्म “commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research” होता है|

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसका इस्तेमाल किसी भी raw data को store, process और डाटा को transfer करने के लिए किया जाता है| फाइलों और डॉक्यूमेंट को इकट्ठा करने से लेकर ईमेल भेजने तक का काम भी कंप्यूटर की मदद से किया जाता है| कंप्यूटर में माइक्रोचिप्स मौजूद होती हैं और इन माइक्रोचिप्स के माध्यम से कंप्यूटर डाटा को store और process करता है।

Hardware vs Software

इससे पहले कि हम आपको बताएं कि कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं हम आपको बताना चाहेंगे कि सभी प्रकार के कंप्यूटर में दो प्रकार के components का इस्तेमाल किया जाता है हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर है।

1. Hardware

Hardware computer के physical parts होते है जिनकी मदद से यूजर कंप्यूटर को input देता है| जैसे कि Mouse, Keyboard, Printer, scanner, RAM etc यह सभी कंप्यूटर के hardware है।

2. Software

सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में निर्देशों का set होता है जो हार्डवेयर को यह बताता है कि उसे कौन सा काम करना है और कैसे करना है| जैसे कि कंप्यूटर में आप वेब ब्राउज़ करने के लिए ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं तो वह ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर है। किसी भी कंप्यूटर को काम करने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों की जरूरत पड़ती है क्योंकि इन दोनों की मदद से ही कंप्यूटर अपने काम को पूरा करता है| उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी वेब ब्राउजर में टेक्स्ट लिख रहे हैं तो वह एक सॉफ्टवेयर है और यदि आप उस पेज पर क्लिक करने के लिए अपने mouse का इस्तेमाल करते हैं तो mouse एक हार्डवेयर है।

Computer के प्रकार (Different Types of Computers)

जब हम कंप्यूटर के बारे में सोचते हैं तब अक्सर ही हमारे दिमाग में सिर्फ दो तरह के कंप्यूटर का ही ध्यान आता है Desktop और Laptop. लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि इसके अलावा भी कई तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल हमारी रोजाना जिंदगी में होता है जो अलग-अलग काम करने में सक्षम होते हैं जैसे कि किसी किराने की दुकान पर समान को स्कैन करना, एटीएम से नकदी निकालना या केलकुलेटर का उपयोग करना यह सभी अपने कामों को करने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल ही कर रहे हैं।

1. Desktop Computers

आज के समय में भी डेस्कटॉप का इस्तेमाल किया जाता है| डेक्सटॉप का इस्तेमाल आमतौर पर घरों, स्कूलों, कॉलजों के कामों को करने के लिए किया जाता है| ऐसे computers को डेक्सटॉप इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका इस्तेमाल करने के लिए और इन्हें रखने के लिए एक डेस्क का इस्तेमाल किया जाता है| जहां पर कंप्यूटर की screen यानि कि monitor को रखा जाता है| डेस्कटॉप आमतौर पर monitor, keyboard, mouse, cpu जैसे अलग-अलग कंप्लेंट से मिलकर बनता है।

2. Laptop Computers

यह भी कंप्यूटर का ही एक प्रकार है| इस प्रकार के लैपटॉप कंप्यूटर को लैपटॉप कहा जाता है और इसमें बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है| यही वजह है कि आप लैपटॉप को कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यह डेस्कटॉप से ज्यादा पोर्टेबल होता है।

3. Tablet Computers

यह भी कंप्यूटर का है यह एक प्रकार है| परंतु टेबलेट की बात करें तो यह लैपटॉप से भी अधिक हो portable है क्योंकि इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको किसी भी प्रकार के mouse और keyboard की जरूरत नहीं पड़ती है| यह एक touch device है| यानी कि आप टेबलेट की स्क्रीन पर touch करके ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं अगर हम आईपैड की बात करें तो आईपैड भी एक टेबलेट कंप्यूटर है।

4. Servers

Server भी एक computer है जो अन्य कंप्यूटर को नेटवर्क पर जानकारी प्रदान करता है| जब भी आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तब server की मदद से वहां पर मौजूद फाइल जो कि वहां पर स्टोर करी गई होती हैं उनको user के साथ शेयर करता है और इसके लिए वह किसी स्थानीय फाइल सर्वर का भी उपयोग करते हैं।

अन्य प्रकार के कंप्यूटर (Other Types of Computers)

1. Smartphone

ऐसे फोन जिनका इस्तेमाल गेम खेलने, इंटरनेट ब्राउज करने, वीडियो बनाने जैसे कार्य के लिए किया जाता है उन्हें स्मार्टफोन कहा जाता है।

2. Wearable

ऐसे gadgets जिनका इस्तेमाल हम पहनने के लिए करते हैं जैसे कि स्मार्टवॉच और फिटनेस ट्रैकर| जिसे हम पूरा दिन पहन सकते हैं यह गैजेट भी कंप्यूटर का ही एक प्रकार है।

3. Game Control

गेम कंट्रोल भी कंप्यूटर का ही एक प्रकार है जिसका इस्तेमाल टीवी पर वीडियो गेम खेलने के लिए किया जाता है।

4. TV

आज के समय में ऐसे कई प्रकार के एप्लीकेशन वाले टीवी आ गए हैं जिसकी मदद से आप ऑनलाइन किसी भी प्रकार के वीडियो, ऐप का इस्तेमाल अपने टीवी पर कर सकते हैं| आप अपने स्मार्टफोन की मदद से भी इंटरनेट का इस्तेमाल करके टीवी पर वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं| उदाहरण के तौर पर एंड्राइड स्मार्ट टीवी कंप्यूटर का ही एक प्रकार है।

Features / Characteristics of Computer (कंप्यूटर की विशेषताएं)

1. Speed (गति)

कंप्यूटर का इस्तेमाल इसलिए भी ज्यादा किया जाने लगा है क्योंकि यह किसी भी कार्य को बहुत ही जल्दी से कर सकता है| अगर आप ने किसी भी प्रकार की कैलकुलेशन करनी है तो आपको उसमें बहुत ज्यादा समय लगता है| अगर वही आप उसी कैलकुलेशन को करने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो कंप्यूटर आपको वही कैलकुलेशन एक या 2 सेकंड में करके दे देता है| यही वजह है कि बैंकिंग क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जाने लगा है।

2. Automation

कंप्यूटर की सबसे बड़ी खासियत इसके काम करने का तरीका है क्योंकि कंप्यूटर ऑटोमेशन mode में काम करता है| जब भी हम कंप्यूटर में किसी भी प्रकार के प्रोग्राम को एक बार load कर देते हैं तब कंप्यूटर उस प्रोग्राम को ऑटोमेटिक mode में करता रहता है।

3. Accuracy

अगर हम अलग अलग संख्याओं को गुणा करते हैं तो यह मुमकिन है कि हमसे गलती हो सकती है| परंतु वही अगर हम कंप्यूटर की मदद से उन संख्याओं को गुणा करते हैं तो कंप्यूटर हमें बिल्कुल accurate results देता है| कंप्यूटर के द्वारा गलती करने के चांस बहुत कम होते हैं यह गलती तब ही हो सकती है जब हम कंप्यूटर को गलत डाटा इनपुट करके देते हैं। इसलिए एक्यूरेट रिजल्ट पाने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।

4. Versatility

पुराने समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल सिर्फ गणना करने के लिए किया जाता था परंतु आज के एडवांस कंप्यूटर की Versatility के कारण यह सारी दुनिया में अपना प्रभाव छोड़ रहे हैं और इसी वजह से हर क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाने लगा है| यही वजह है कि आज के समय में रेलवे स्टेशन, बैंक, एयरपोर्ट, बिजनेस, स्कूल इन सभी जगह पर कंप्यूटर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

5. High Storage Capacity

कंप्यूटर की मदद से हम बड़े से बड़े डाटा को भी अपने कंप्यूटर सिस्टम में स्टोर करके रख सकते हैं| जैसे कि डाटा, pictures program, गेम, साउंड, फाइल्स इन को हम अपने कंप्यूटर में लंबे समय तक स्टोर करके रख सकते हैं| यह हमारे कंप्यूटर में तब तक स्टोर रहता है जब तक हम खुद से इसे डिलीट नहीं कर देते हैं और इस इंफॉर्मेशन को future में हम इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. Reliability

कंप्यूटर की मेमोरी इतनी ज्यादा strong होती है कि इसमें स्टोर किया गया डाटा को भी हम काफी सालों के बाद भी इस्तेमाल कर सकते हैं और उस डाटा को अगर हम सालों बाद भी इस्तेमाल करते हैं तब भी वह accurate ही रहता है।

7. Power of Remembrance

Computer के अंदर हम किसी भी प्रकार की फाइल्स को मेमोरी के अंदर स्टोर करके रख सकते हैं और जब भी हमें किसी भी प्रकार के डाटा की जरूरत पड़ती है तो कंप्यूटर हमें उस डाटा को सालों बाद भी आसानी से उपलब्ध करवा देता है।

8. Diligence

कंप्यूटर बिना थके लगातार कई घंटों, दिनों और महीनों तक बिना कोई गलती करे काम कर सकता है| कंप्यूटर बिना किसी भेदभाव के काम करके रिजल्ट प्रदान करता है| यही वजह है कि मनुष्य के विकास में कंप्यूटर का बहुत ज्यादा महत्व रहा है।

9. No Feelings

कंप्यूटर एक ऐसा यंत्र है जो किसी भी प्रकार के काम को करने और सोचने समझने की क्षमता रखता है| परंतु computer किसी भी काम को बिना किसी भावनाओं के आसानी से कर देता है।

10. No Intelligence

कंप्यूटर किसी भी काम को आसानी से कर सकता है परंतु कंप्यूटर का खुद का कोई दिमाग नहीं होता है| यानी कि यह यूजर के द्वारा दिए गए इनपुट डाटा के अनुसार ही काम करके हमें रिजल्ट कर प्रदान करता है| यही वजह है कि कंप्यूटर इतना ज्यादा develop होने के बावजूद भी मनुष्य के अनुसार ही काम करता है।

कंप्यूटर के मुख्य भाग (parts of computers in Hindi)

देखने में कंप्यूटर बहुत ही सरल और simple इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगता है| परंतु यह बहुत ही छोटे और बड़े कंपोनेंट से मिलकर बना होता है|  तो चलिए अब हम आपको कंप्यूटर के मुख्य components के बारे में बताते हैं।

1. Motherboard

Motherboard कंप्यूटर के CPU के अंदर मौजूद एक circuit board होता है जो कि पतली सी प्लेट होती है| इस मदर बोर्ड पर अलग-अलग तरह के कंपोनेंट्स जुड़े होते हैं जैसे की memory, CPU, Connectors, Hard Drive, Optical Drive etc. यह सारे components मदरबोर्ड के साथ directly, indirectly जुड़े हुए रहते हैं| आज के समय में यूजर की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग तरह के मदरबोर्ड उपलब्ध हो जाते हैं।

2. CPU/Processor

CPU कंप्यूटर में मौजूद मदरबोर्ड के अंदर पाया जाता है| CPU को central processing unit भी कहा जाता है क्योंकि जहाँ पर हर प्रकार की सूचनाओं की गणना और उनका विश्लेषण किया जाता है। हम आपको बताना चाहेंगे कि processor की speed जितनी ज्यादा होगी वह उतनी ही speed से process कर पाएगा।

3. RAM

कंप्यूटर में मौजूद RAM को random access memory भी कहा जाता है| यह अस्थाई मेमोरी होती है जोकि megabytes और gigabytes में होती है| कंप्यूटर में अलग-अलग तरह की मेमोरी का इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि 128MB, 256MB, 1GB, 2GB. हम आपको बताना चाहेंगे कि कंप्यूटर में मौजूद memory जितनी ज्यादा होगी कंप्यूटर की स्पीड भी उतनी ही ज्यादा होगी| 

RAM का इस्तेमाल इसलिए भी होता है क्योंकि जब आप कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की कैलकुलेशन करते हैं तब उसका result temporary तौर पर RAM में सेव हो जाता है और लेकिन जब आप कंप्यूटर को बंद कर देते हैं तो वह save डाटा भी अपने आप delete हो जाता है| यही वजह है कि जब भी आप कंप्यूटर में किसी प्रकार की कैलकुलेशन कर रहे हैं या डॉक्यूमेंट बना रहे हैं तो उसे कुछ समय के बाद सेव करना जरूरी होता है ताकि वह आपकी Hard Disc Drive में save हो जाए और जिसे आप लंबे समय तक भी इस्तेमाल कर सके।

4. Hard Disc Drive

हार्ड डिस्क ड्राइव metal की बनी होती है और इसमें disc एक के ऊपर एक parallel में लगी होती है| Hard Disc की ऊपर और नीचे की सतह को छोड़कर सभी सतह पर डाटा को लिखा जाता है और Hard Disc लगातार घूमती रहती है जिसकी वजह से यह किसी भी स्तर पर मौजूद डाटा को आसानी से पढ़ और लिख सकती है| इसके अलावा इसकी हर सतह पर अलग-अलग पर read/write heads लगे होते हैं जो डाटा को read-write करने में मदद करते हैं|  Hard Disc Drive अपने अंदर डाटा को लंबे समय तक store करके रख सकती है| जिससे आप जरूरत पड़ने पर future में कभी भी data का इस्तेमाल कर सकते हैं।

5. Power Supply Unit

किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस को चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है और इस बिजली को पावर सप्लाई यूनिट के माध्यम से प्रदान किया जाता है| पावर सप्लाई यूनिट मेन पावर सप्लाई से पावर लेकर कंप्यूटर के अंदर मौजूद अलग-अलग components को जरूरत के हिसाब से पावर सप्लाई करती है।

6. Expansion Card

पुराने समय में कंप्यूटर में Expansion Slots होते थे जिन्हें हम future में किसी भी प्रकार के Expansion Card को add करने के लिए इस्तेमाल करते थे| इन Expansion Card को PCI (Peripheral Components Interconnect) card भी कहा जाता है| लेकिन आज के आधुनिक युग के कंप्यूटर में यह slots motherboard में inbuilt ही पाए जाते हैं| पुराने समय में इस्तेमाल किए जाने वाले एक्सपेंशन कार्ड के नाम कुछ इस प्रकार हैं:-

  • Video Card
  • Sound card
  • Network Card
  • Bluetooth Card (Adapter)

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

कंप्यूटर का आविष्कार 20वीं सदी में हुआ था और इसका आविष्कार करने में बहुत से लोगों का योगदान रहा है| परंतु सबसे अहम योगदान Charles Babbage का रहा है क्योंकि उन्होंने सबसे पहले Analytics engine बनाया था जो कि उन्होंने साल 1837 में बनाया था।

कंप्यूटर का इतिहास

Computer की खोज लगभग 2500 वर्ष से भी प्राचीन है| वैसे तो कंप्यूटर का विकास करने में बहुत सारे लोगों का हाथ है लेकिन इनमें से सबसे अहम योगदान Charles Babbage का माना जाता है क्योंकि चार्ज बेबसCharles Babbage ने हीं दुनिया को सबसे पहला “Analytics engine” नामक एक शक्तिशाली स्वचालित यंत्र तैयार करके दिया था जो कि आगे चलकर आधुनिक कंप्यूटर का आधार बना।

कंप्यूटर की पीढ़ियां हिंदी में

कंप्यूटर का विकास काफी वर्ष पुराना है जैसे-जैसे कंप्यूटर का विकास होता रहा वैसे वैसे कंप्यूटर को इसकी generation के आधार पर पीढ़ियों में बांट दिया गया ताकि कंप्यूटर की generation यानी कि कंप्यूटर की पीढ़ियों को आसानी से समझा जा सके जो कि इस प्रकार है:-

Sr No.पीढ़ीकालतकनीक
1प्रथम पीढ़ी1942-1952Vacuum Tube
2द्वितीय पीढ़ी1955-1964Transistor
3तृतीया पीढ़ी1967-1975IC (Integrated Circuit)
4चतुर्थ पीढ़ी1975-1990VLSI
5पंचम पीढ़ी1990-अब तकULSIC with AI

कंप्यूटर और दिमाग

आजकल कंप्यूटर भी मानव दिमाग की तरह होते जा रहे हैं| जैसे हम जानते हैं कि मनुष्य के दिमाग में अरबों न्यूरॉन्स और सिनेप्स होते हैं जिनसे मिलकर मनुष्य दिमाग बनता है| यह न्यूरॉन्स और सिनेप्स सूचना को इकट्ठा करने के लिए एक साथ काम करते हैं| ठीक उसी तरह कंप्यूटर ट्रांजिस्टर से बने होते हैं और यह ट्रांजिस्टर भी सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं।

कंप्यूटर क्या कर सकते हैं?

कंप्यूटर का इस्तेमाल हर कोई अपने अपने तरीके से कर रहा है| शुरुआत में कंप्यूटर का इस्तेमाल सिर्फ गणना करने के लिए किया जाता था| परंतु आज के समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल डाटा को इकट्ठा करने raw data को process करने, ईमेल भेजने जैसे महत्वपूर्ण कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है| कंप्यूटर को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा गया है:- पर्सनल कंप्यूटर, सर्वर और मेनफ्रेम।

पर्सनल कंप्यूटर सामान्य तरह के कंप्यूटर होते हैं क्योंकि इनमें सर्वर या मेनफ्रेम की तरह ज्यादा तकनीक नहीं होती और यह सर्वर या मेनफ्रेम से सस्ते भी होते हैं| कंप्यूटर को दो श्रेणियों में बांटा गया है डेस्कटॉप पीसी और लैपटॉप पीसी| डेस्कटॉप पीसी में लैपटॉप पीसी की तुलना में बहुत बड़ी स्क्रीन होती है और इनको इस्तेमाल करने के लिए अधिक जगह की भी जरूरत पड़ती है।

कंप्यूटर का कार्य

1. Input

यह कंप्यूटर का वह स्टेप है जिसमें raw data को input डिवाइस के माध्यम से कंप्यूटर के अंदर डाला जाता है| यह raw data कोई भी picture, video, letter कुछ भी हो सकता है।

2. Process

जब कोई raw data कंप्यूटर के अंदर डाला जाता है तब उस डाटा को instruction के अनुसार process किया जाता है और यह process पूरी तौर पर इंटरनल प्रोसेस होता है।

3. Output

जब डाटा को इनपुट करने के बाद उसके ऊपर पर process कर दिया जाता है तब वह process हो चुका डाटा हमें result के तौर पर show होता है| इस डाटा को हम या तो memory में save कर सकते हैं या फिर उसको future के इस्तेमाल के लिए भी रख सकते हैं।

कंप्यूटर के लाभ

इसमें कोई भी शक की बात नहीं है कि कंप्यूटर ने इंसानों के जीवन को बहुत ही आसान बना दिया है क्योंकि कंप्यूटर बहुत  speed, accuracy के साथ काम करते हैं और इसमें storage capacity भी बहुत ज्यादा होती है| जिस काम को इंसान करने से पहले कई बार सोचता था उस काम को कंप्यूटर आसानी से accurate तरीके से कर देते हैं| कंप्यूटर एक versatile machine है क्योंकि यह बहुत ही flexible तरीके से अपने काम को करने में सक्षम होता है| लेकिन इसके बावजूद भी कंप्यूटर के कुछ important advantages और disadvanages होती है जो कि कुछ इस प्रकार है:-

1. Multitasking

कंप्यूटर का सबसे बड़ा advantage यह है कि यह Multitasking होते हैं| कंप्यूटर की मदद से इंसान एक ही समय पर multiple task, multiple operation और multiple problems को calculate करके उन्हें solve कर सकता है| कंप्यूटर आसानी से ट्रिलियंस ऑफ इंस्ट्रक्शन को पर सेकंड में कैलकुलेट कर सकता है।

2. Speed

कंप्यूटर पहले सिर्फ कैलकुलेटिंग डिवाइस के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता था| परंतु आज के समय में इसका काम करने का तरीका बदल चुका है| कंप्यूटर बहुत ही स्पीड के साथ हमें कोई भी transaction को आसानी से परफॉर्म करने में मदद करता है| वह किसी भी ऑपरेशन को बहुत कम समय लगा कर कंप्लीट करने में सक्षम होता है।

3. Cost/Stores करती है बड़ी मात्रा में data

कंप्यूटर की मदद से इंसान centralized database का इस्तेमाल करके बहुत ही ज्यादा quantity के डाटा या इंफॉर्मेशन को कम बजट में save कर सकता है| जिससे कि इस cost को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

4. Accuracy

Computer अपने accurate result देने के कारण भी बहुत ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं| यही वजह है कि हर क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाने लगा है क्योंकि इनमें गलती होने की संभावना ना के बराबर होती है।

5. Data Security

आज के समय में अधिकतर डाटा डिजिटल फॉर्म में ही पाया जाता है| उस डिजिटल डाटा को परफेक्ट करने को Data Security कहते हैं| कंप्यूटर हमारे डिजिटल डाटा को cyber attack, malware attack से सुरक्षा प्रदान करता है| यह हमारी data को unauthorized users से भी secure करता है।

कंप्यूटर के हानि

1. Virus और Hacking Attacks

कंप्यूटर में मौजूद virus एक destructive program होता है जोकि unauthorized access, hackers को कहा जाता है| जो owner के सिस्टम में उसके मालूम हुए के बिना दाखिल हो जाते हैं| यह वायरस आसानी से किसी भी ई-मेल के attachment के जरिए, USB के जरिए या फिर infected websites के जरिये आपके कंप्यूटर में पहुंचाया जा सकता है|

यह वायरस अगर एक बार किसी के सिस्टम में घुस जाए तो यह उसके सिस्टम में मौजूद डाटा को भी नुकसान पहुंचाता है और उसके कंप्यूटर को भी बर्बाद कर देता है।

2. Online Cyber Crimes

Computer और network का इस्तेमाल करके Online cyber crimes किया जाता है| वही Identity theft और Cyberstalking भी इन्हीं ऑनलाइन साइबर क्राइम्स के तहत ही आते हैं।

3. Employment Opportunity में कटौती होना

जैसे कि हम जानते हैं कि कंप्यूटर एक ही समय पर multiple task कर सकता है यही वजह है कि इसका employment opportunity को भी काफी ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है| कोई भी सेक्टर हो जैसे बैंकिंग सेक्टर, government sector से लेकर प्राइवेट सेक्टर में भी लोगों की बजाय computers को ज्यादा महत्व दिया जाने लगा है| जिसकी वजह से काम तो आसानी से हो रहे हैं परंतु बेरोजगारी बढ़ रही है| इसके अलावा कर कंप्यूटर के disadvantages की बात करें तो कंप्यूटर का खुद का कोई IQ नहीं होता है| यह पूरे तौर पर user के ऊपर निर्भर करता है और ना ही कंप्यूटर का खुद कोई decision लेने में सक्षम होता है, ना ही खुद की कोई feelings होती है।

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Conclusion

अब आप जान चुके हैं कि कंप्यूटर क्या है, what is computer in hindi me, कंप्यूटर की विशेषताएं क्या है, कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है, कंप्यूटर का उपयोग क्या है, कंप्यूटर की परिभाषा क्या है, कंप्यूटर का अर्थ क्या है, कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है| उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी| अगर आपको हमारे द्वारा शेयर करी गई जानकारी से संबंधित कोई भी डाउट है या फिर आप हमें कोई राय देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है|

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